क्रेडिट कार्ड बंद कराने या उसे अपडेट कराने या क्रेडिट कार्ड पर कैशबैक बढ़ाने की बात कहकर भेजे गए लिंक को क्लिक कर ऐसी ही कई शिकायतें साइबर सेल के पास निस्तारण के लिए पड़ी हैं। एफ टीवी कैफे और एफ टीवी लाउंज की फ्रेंचाइजी देने के नाम पर भी शहर में ठगी का चलन बढ़ा है।
नरिया क्षेत्र निवासी अमरेंद्र शंकर उपाध्याय के पास एक कॉल आई। उन्हें एफ टीवी की फ्रेंचाइजी लेने का आकर्षक ऑफर दिया गया। अमरेंद्र शंकर तैयार हुए तो उन्हें साइबर ठग ने रजिस्ट्रेशन के लिए एफ टीवी की फर्जी वेबसाइट का लिंक भेजा। हालांकि तकनीक के अच्छे जानकार अमरेंद्र शंकर को वेबसाइट देख कर शंका हुई और वह एफ टीवी की ओरिजिनल वेबसाइट पर गए तो उन्हें सब कुछ समझ में आ गया।
यूपीआई ऑटो-पे की रिक्वेस्ट भेज कर ठगी
पांडेयपुर निवासी सुधीर कुमार सिंह ओटीटी सब्सक्रिप्शन का इस्तेमाल करते हैं। बताया कि ओटीटी सब्सक्रिप्शन के लिए ऑटो-पे रिक्वेस्ट आने पर वह पेमेंट कर देते थे। जिस कंपनी के नाम से उनके मोबाइल पर ऑटो-पे रिक्वेस्ट आता था, ठीक उसी तरह का ऑटो-पे रिक्वेस्ट भेजकर साइबर ठगों ने खाते से 1.23 लाख रुपये उड़ा दिए।
बोले अधिकारी
फोन पर ऑफर, छूट, आकर्षक स्कीम का नाम सुनते ही सजग हो जाएं। मोबाइल पर आए किसी लिंक को क्लिक न करें। आपकी सतर्कता ही आपकी सुरक्षा का बेहतर तरीका है। साइबर ठगी का शिकार हों तो तत्काल 1930 पर फोन कर या फिर www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। - प्रमोद कुमार, डीसीपी गोमती जोन/ क्राइम