वाराणसी। महमूरगंज से रथयात्रा मार्ग के दोनों तरफ लाखों रुपये खर्च कर वीडीए द्वारा लगवाई गई लोहे की रेलिंग नगर निगम के नाला निर्माण कार्य की भेंट चढ़ गई है।
नाला निर्माण का काम तो जैसे-तैसे खत्म हो गया लेकिन निर्माण के दौरान टूटी-कटी रेलिंग जस की तस छोड़ दी गई। इसे कब तक व्यवस्थित किया जाएगा, इस ओर ध्यान देने की फुरसत किसी को नहीं है। नगर निगम का इंजीनियरिंग विभाग चुप्पी साधे बैठा है तो वहीं वीडीए को भी इस ओर नजर फेरने की फुर्सत नहीं।
बीते अप्रैल महीने में महमूरगंज से रथयात्रा के बीच सड़क के दोनों तरफ नगर निगम द्वारा नाला निर्माण कराया गया था। इस दौरान सड़क किनारे पहले से लगी लोहे की रेलिंग नगर निगम के ठेकेदारों की लापरवाही से निर्माण कार्य के दौरान जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई।
अब यह क्षतिग्रस्त रेलिंग साइकिल सवारों और राहगीरों के लिए खतरे का सबब बन गई है। इस बारे में वीडीए के अधिशासी अभियंता गोपाल कृष्ण ने कहा कि नगर निगम के इंजीनियरिंग विभाग को नाला निर्माण की अनुमति इस शर्त के साथ दी गई थी कि वे रेलिंग को सुरक्षित रख कर अपना काम कराएंगे। काम खत्म होते ही रेलिंग को फिर से लगा दिया जाएगा।
इस बारे में जल्द ही इंजीनियरिंग विभाग से बातचीत कर रथयात्रा से महमूरगंज के बीच की रेलिंग उनसे सही कराई जाएगी। उधर, नगर निगम के चीफ इंजीनियर कैलाश सिंह ने इस संबंध में कुछ कहने से साफ इंकार कर दिया।