संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर और असिस्टेंट लाइब्रेरियन की भर्ती परीक्षा का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि पूरी प्रक्रिया में गड़बड़ी है। एक अभ्यर्थी ने दावा किया है कि उसने 38 प्रश्न हल किए हैं, उसे महज दो अंक मिले हैं। बृहस्पतिवार को आपत्तियों का अंतिम दिन होने के कारण अभ्यर्थी दिनभर परिसर में भटकते रहे, लेकिन कहीं से कोई जानकारी और मदद नहीं मिल सकी।
विश्वविद्यालय पहुंचे दीपक, सुखदेव, सुभाष और शिवमणि ने बताया कि परिसर में कहीं भी आपत्ति पटल नहीं बनाया गया है। कई कार्यालयों में संपर्क किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। दीपक ने बताया कि उन्हें दो अंक, सुखदेव को चार, सुभाष को 10 और शिवमणि को 16 नंबर ही मिले हैं। उन्होंने कहा कि जब सिविल की परीक्षा में आंसर शीट की कॉपी ले जाने की अनुमति होती है तो फिर असिस्टेंट प्रोफेसर की परीक्षा में यह सुविधा क्यों नहीं दी गई। राजभवन में शिकायत दर्ज कराई है। साथ ही विश्वविद्यालय की वेबसाइट और ईमेल आईडी पर आपत्ति दर्ज करा दी गई है। मध्य रात्रि तक अभ्यर्थी आपत्ति दर्ज कराने में लगे रहे। कुलपति प्रो. हरेराम त्रिपाठी ने बताया कि परीक्षा में पारदर्शिता का पूरा पालन किया गया है। आपत्तियों के आधार पर कापियों का मूल्यांकन कर निस्तारण किया जाएगा।