वाराणसी। बीएचयू के 232 अधिकारियों को अपना सीयूजी नंबर सरेंडर करना होगा। कुलसचिव कार्यालय की ओर से जारी पत्र में बताया गया है कि सिर्फ 38 अधिकारियों को ही अपना पुराना सीयूजी नंबर चालू
रखने की अनुमति दी गई है। हालांकि ये भी कहा गया है कि यदि किसी को अपना नंबर सक्रिय रखना हो तो वो पोस्टपेड से प्रीपेड करा सकता है। उसे बीएसएनएल कंपनी से संपर्क करना होगा। बीएचयू की ओर से 350 रुपये धनराशि की भरपाई कर दी जाएगी।
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बीएचयू के एक अधिकारी ने बताया कि इसमें उन्हीं लोगों के सीयूजी नंबर बंद होंगे, जिनके स्थायी पद हैं, जबकि जो पद तीन साल के ही नियुक्त होते हैं, उनके नंबर बंद नहीं होंगे। जबकि मंत्रालयोंं, कार्यालयों, आरटीआई के तहत अपीलीय अधिकारी और जेम पोर्टल पर भी यही नंबर दर्ज हैं। कई अधिकारी तो ऐसे हैं, जिनके नंबर 20 से 25 वर्ष से ये नंबर आवंटित है। बीएचयू के वेबसाइट से लेकर टेलीफोन डायरेक्ट्री तक में भी यही नंबर हैं। ऐसे में कोई इमरजेंसी पड़े हो तो किससे संपर्क होगा।
14 डीन और 5 निदेशक समेत इन अधिकारियों का नंबर रहेगा चालू
सहायक कुलसचिव की ओर से एक पत्र जारी कर उन अधिकारियों का पद बताया गया, जिनके सीयूजी नंबर बंद नहीं होंगे। हालांकि इस सूची में पांच निदेशक, 14 डीन, चीफ प्रॉक्टर, डिप्टी चीफ प्रॉक्टर, छात्र अधिष्ठाता, लाइब्रेरियन, परीक्षा नियंता, गेस्ट हाउस कॉम्पलेक्स के चीफ वार्डेन, सर सुंदरलाल अस्पताल के एमएस, यूडब्ल्यूडी के सुप्रिंटेंडिंग इंजीनियर, बागवानी के प्रोफेसर इन चार्ज, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, सेनिटरी सपोर्ट सर्विस प्रोफेसर, आईसीयू इंचार्ज, आंतरिक शिकायत कमेटी, लीगल सेल, एंटी रैगिंग कमेटी, डिप्टी एमएस और सेंट्रल ऑफिस के केयर टेकर।