बेहोशी हालत में बदमाशों ने शुक्रवार को मिर्जापुर जिले के सेमरी गांव के बगल में स्थित खाई मे सभाजीत को फेंक दिया और ट्रैक्टर लेकर भाग निकले। होश आने पर सभाजीत किसी प्रकार सड़क पर पहुंचा और रमेश यादव नामक युवक से मिलकर आप बीती बताई। उसके बाद अपने पुत्र बृजेन्द्र यादव को फोन कर पूरी आपबीती बताई।
जानकारी होते ही परिवार के लोग मौके पर पहुंच गए और स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया। ट्रैक्टर बृजेन्द्र के नाम से है। घटना की जानकारी रविवार को थाना कपसेठी को दिया गई। परिजनों का आरोप है कि कपसेठी पुलिस ने मिर्जापुर का मामला होने की बात कहते हुए टाल दिया।