40 साल के रिकॉर्ड को देखें तो मुंबई में अपराध करने वाले पूर्वांचल के कई चर्चित चेहरे रहे हैं। इनमें कुछ नेता बने, कुछ बिल्डर और कुछ दुनिया से अलविदा हो गए। मुंबई में जितनी भी चर्चित आपराधिक घटनाएं हुईं, उनमें पूर्वांचल के बड़े चेहरों की गिरफ्तारी हुई। आजमगढ़ का रहने वाला अबू सलेम, हत्या और रंगदारी के मामले में 50 हजार का इनामी जंसा का मनीष सिंह तथा मनीषा कोइराला के सचिव हत्याकांड के तार भी पूर्वांचल से जुड़े थे।
वाराणसी और चंदौली के एक आरोपी को मुंबई में गिरफ्तार किया गया था। चिकित्सक से एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में आरोपी मनीष सिंह जंसा वांछित है। बागपत जेल में मारे गए मुन्ना बजरंगी को भी अक्तूबर 2009 में मुंबई के मलाड इलाके से पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
झारखंड के जमशेदपुर के गैंगस्टर व व्यवसायी विक्रम शर्मा की तीन महीने पहले उत्तराखंड में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। 13 फरवरी की सुबह हत्या को अंजाम देने वाले पूर्वांचल के शूटरों की तलाश की गई। उत्तराखंड पुलिस और एसटीएफ की टीम पूर्वांचल में शूटरों की तलाश में जुटी थी।
श्रीप्रकाश शुक्ला के बढ़ गए शूटर
90 के दशक में गोरखपुर के श्रीप्रकाश शुक्ला के बाद से पूर्वांचल के शूटरों का क्रेज देश के विभिन्न राज्यों में बढ़ा। श्रीप्रकाश शुक्ला ने उत्तर प्रदेश के साथ ही दिल्ली, एनसीआर, बिहार, झारखंड और मुंबई में कई बड़ी व चर्चित घटनाओं को अंजाम दिया।
बिहार से लेकर नॉर्थ ईस्ट तक में अपराध करने के बाद अधिकतर बदमाश पूर्वांचल में ही गुमनामी की जिंदगी काट रहे हैं। ओडिशा से गांजा की तस्करी, बिहार-झारखंड से असलहों की तस्करी और नॉर्थ ईस्ट से हवाला करेंसी जैसे धंधों का संचालन पूर्वांचल के बदमाश कर रहे हैं। कोडीन युक्त कफ सिरप तस्करी के तार बांग्लादेश तक जुड़े हैं। वाराणसी समेत पूर्वांचल के तस्करों ने बांग्लादेश तक कफ सिरप की तस्करी की है। एसआईटी और नारकोटिक्स ने अपनी चार्जशीट में इसका जिक्र किया है।