आए दिन वारदातों के बावजूद पुलिस की लचर कार्यशैली से बदमाश बेखौफ
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वाराणसी जिले में हाल की आपराधिक वारदातों ने कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। बेखौफ अंदाज में वारदातों को अंजाम दे रहे बदमाशों ने पुलिस को बैकफुट पर धकेल दिया है। वहीं, कुछ मामलों में खुद पुलिस आम आदमी के उत्पीड़न को लेकर सवालों के घेरे में है।
व्यस्त बाजार में सरेराह तमंचा लहराकर महिला की चेन लूटने की वारदात हो या सपा नेता प्रभु साहनी और कपड़ा व्यापारी सोनू यादव की हत्या का। अपराधियों को पुलिस दबोच नहीं पाई। बड़े मामलों की लंबित विवेचनाओं पर महकमे के जिम्मेदार भी आंखें मूंदे रहते हैं।
बीते मई महीने में जिले में ताबड़तोड़ आपराधिक वारदातें हुईं। पुलिस आपराधिक मामलों में बैकफुट पर नजर आई। बदमाश कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बन गए हैं।
वारदात चाहे जैतपुरा क्षेत्र में कपड़ा व्यापारी सोनू यादव की हत्या से जुड़ी हो या फिर चौक क्षेत्र में नाविक प्रभु साहनी की हत्या से... ज्यादातर आरोपियों ने पुलिस की घेरेबंदी और सतर्कता को धता देते हुए अदालत में समर्पण कर दिया। ऐसी ही कई अन्य वारदातों में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।
सरेराह महिला की चेन लुटने वाले बदमाशों का सुराग नहीं
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लक्सा थाने से चंद कदम की दूरी पर 12 जून की शाम बाइक सवार दो बदमाशों ने एक महिला को तमंचा सटाकर उनकी चेन लूट ली। इलाकाई लोगों ने जब विरोध की कोशिश की तो बदमाशाें ने उन पर तमंचा तान दिया। समीप की एक दुकान के सीसीटीवी कैमरे में कैद बदमाशों की तस्वीर के आधार पर पुलिस ने तो तलाश शुरू की लेकिन अब तक किसी को गिरफ्तार नहीं कर पाई।
रासुका तो दूर रिमांड पर भी नहीं ले सके
भाजपा के पांच पार्षदों को धमकाने के मामले में क्राइम ब्रांच ने नौ जून को चोलापुर के चंदापुर के अमित और आयर बाजार के राहुल जायसवाल को गिरफ्तार किया था। दोनों के खिलाफ दशाश्वमेध, जैतपुरा, कोतवाली और भेलूपुर थाने में पांच मुकदमे दर्ज थे।
आरोपियों की गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने कहा था कि दोनों के खिलाफ गैंगेस्टर एक्ट और रासुका के तहत कार्रवाई की जाएगी। मगर, यह सब तो दूर पुलिस दोनों को रिमांड पर लेना ही भूल गई और उन्हें जमानत मिल गई। दोनों आरोपी जेल से बाहर आ गए और पुलिस की भद्द पिटने लगी तो आननफानन में मंगलवार को उन्हें गिरफ्तार कर फिर जेल भेजा गया।
मासूम की हत्या बनी अबूझ पहेली
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जंसा थाना के दानूपुर गांव स्थित बनवासी बस्ती के समीप आठ जून की सुबह चार साल के मासूम आशीष का खून से लथपथ शव मिला। मामले को लेकर जंसा थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया लेकिन तब से लेकर आज तक पुलिस की कार्रवाई किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी।
इससे पहले 24 मई की रात यूपी कॉलेज के सिक्योरिटी गार्ड विनोद सिंह को बदमाशों ने गोली मार दी थी। पुलिस इस मामले का खुलासा भी अब तक नहीं कर सकी है।
इसी तरह 13 जून को मीरापुर बसही निवासी छोटेलाल के इकलौते बेटे सात वर्षीय समीर का शव ऐढ़े गांव में मिला। हत्यारोपियों पर कार्रवाई को लेकर परिजनों में अभी भी पुलिस के प्रति नाराजगी बरकरार है।