मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का काफिला शनिवार दोपहर बीएचयू गेट से होते हुए स्वतंत्रता भवन जाने वाला था। इसके 10 मिनट पहले भगत सिंह छात्र मोर्चा से जुड़े कुछ छात्र बीएचयू गेट पर धरने पर बैठ गए। योगी आदित्यनाथ वापस जाओ, कैंपस का भगवाकरण बंद करो... जैसे नारे लगाने लगे।
यह देख पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के हाथपांव फूल गए। नारेबाजी कर रहे बीएचयू के आठ छात्रों को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेजा गया और उनके समर्थकों को खदेड़ा गया। इस दौरान थोड़ी देर के लिए पुलिसकर्मियों के बीच अफरातफरी रही।
मुख्यमंत्री के काफिले के शांतिपूर्वक गुजरने के बाद बाद अधिकारियों ने राहत की सांस ली। बीएचयू गेट पर पुलिस-प्रशासन को चकमा देकर पहुंचे छात्रों का कहना था कि सहारनपुर के गांवों में दलितों और मुसलमानों पर हमला करने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।
योगी सरकार ठोस कार्रवाई में कोताही बरत रही है। पुलिस ने इप्शिता, वंदना, विनय, आरती, शैलेष, रितेश, शक्ति सहित आठ छात्रों को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेज दिया। छात्रों के हिरासत में लिए जाने से गुस्साए उनके साथी लंका थाने पहुंचे और घेराव कर नारेबाजी करने लगे।
लंका पुलिस ने आश्वस्त किया कि छात्र थाने में नहीं हैं तो सभी लौट गए। भेलूपुर क्षेत्राधिकारी अखिलेश सिंह ने बताया कि छात्रोें से मुचलका भरवाने के बाद जमानत देकर शाम तक छोड़ दिया गया।
उधर, देर शाम जमानत पर छूटे छात्रों और उनके साथियों ने एक बार फिर लंका थाने का घेराव किया। बीएचयू चौकी प्रभारी महेश मिश्रा के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग कर रहे थे। पुलिस ने छात्रों को खदेड़ कर भगा दिया। छात्रों का आरोप था कि चौकी प्रभारी धरना के दौरान छात्राओं से गालीगलौज कर रहे थे।