यूपी के आजमगढ़ में शनिवार की रात एक महिला ने कमरे का दरवाजा भीतर से बंद कर फांसी लगाकर जान दे दी। उसकी लाश साड़ी के सहारे पंखे से लटक रही थी। रविवार की सुबह बच्चों के रोने की आवाज पर उसकी सास जब जगाने पहुंची है तो घटना की जानकारी हुई।
सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची और दरवाजा तोड़कर महिला की लाश को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मेंहनगर थाना क्षेत्र के मैनीपुर गांव निवासी वेदप्रकाश विश्वकर्मा सऊदी अरब में रहता है।
उसकी पत्नी प्रतिमा अपने चार बच्चों के साथ घर पर रहती थी। घर पर इनके अलावा वेदप्रकाश के पिता, मां धर्मा देवी, बड़े और छोटे भाई की पत्नी और बच्चे रहते हैं। दो माह पूर्व वेदप्रकाश के दूसरे नंबर के भाई रामप्रकाश की मौत हो गई।
वह गुजरात में रहकर नौकरी करता था। रामप्रकाश की कंपनी से रुपये लेने के लिए वेदप्रकाश के पिता गुजरात गए हैं। बताया जा रहा है कि शनिवार की रात प्रतिमा भोजन करने के बाद अपने कमरे में सोने चली गई।
उसके साथ छोटा बेटा और बेटी भी कमरे में थी। बड़ा बेटा और बेटी बाहर सोए थे। रविवार की सुबह बच्चों के रोने के बावजूद भी जब प्रतिमा के कमरे का दरवाजा नहीं खुला तब उसकी सास धर्मा देवी उसे जगाने पहुंची। उन्होंने खिड़की से झांककर देखा तो भीतर प्रतिमा की लाश कमरे में साड़ी के फंदे से लटक रही थी।