यूपी के आजमगढ़ जिले के एक गांव में प्रतिबंध के बावजूद धड़ल्ले से पशुओं को काटकर मांस और चर्बी की सप्लाई की जा रही थी। मुखबिर की सूचना पर रविवार की भोर में पुलिस ने छापेमारी कर एक व्यक्ति के घर से पांच पशु तस्करों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से पांच क्विंटल मांस, टीन में पैक चर्बी, दो तराजू, चार चाकू और पांच चापड़ बरामद किया।
वहीं चकमा देकर चार महिला और तीन पुरुष तस्कर फरार हो गए। गिरफ्तार तस्करों ने पूछताछ में बताया कि काफी दिनों से वह यह व्यवसाय कर रहे थे। आर्डर पर मांस पैक कर लोगों में बांट देते थे। जबकि चर्बी गलाकर उसका घी बनाकर दूकानों पर सप्लाई कर देते थे।
इससे मिठाई की दूकानों पर पकवान बनाया जाता है। पुलिस गिरफ्तार तस्करों का चालान कर उनके फरार साथियों की तलाश में जुटी है। एसपी अजय कुमार साहनी के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में इरफान के अलावा उसका बेटा अब्दुल्ला, फहद, शाहआलम उर्फ प्रधान और परिवार का शाबिर पुत्र सूफियान का नाम शामिल है।
यह सभी अहरौला थाना क्षेत्र के चकमकसूदजहां गांव के निवासी हैं। एसपी ने बताया कि चौकी प्रभारी माहुल रामसुंदर यादव को मुखबिर के जरिए सूचना मिली तो उन्होंने सिपाहियों को लेकर रविवार की भोर में साढ़े चार बजे छापेमारी की। लेकिन पुलिस की संख्या कम होने पर तस्करों और उनके घर की महिलाओं ने दौड़ा लिया।
पुलिस अपना बचाव करते हुए दूर हट गई और घर के गतिविधियों पर नजर रखते हुए उच्चाधिकारियों को सूचना दी। कुछ ही देर में सीओ फूलपुर संतोष सिंह, बूढनपुर शिवनाथ गुप्ता के नेतृत्व में फूलपुर, अहरौला, पवई, तहबरपुर और दीदारगंज थाने की पुलिस और क्यूआरटी टीम पहुंच गई।
सुबह करीब छह बजे पुलिस टीम घर में दबिश देकर इन पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर ली। जबकि तीन पुरुष और चार महिलाएं फरार हो गई। मौके से करीब पांच क्विंटल मांस, टीन में पैक चर्बी, दो तराजू, चार चाकू और पांच चापड़ बरामद हुआ। फरार आरोपियों में इरफान के घर की महिलाएं और उसके परिचित शामिल हैं। उनके नाम और पते की जानकारी की जा रही है।