डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस से बलिया स्टेशन पर उतरे थे तस्कर
- फोटो : अमर उजाला
बलिया रेलवे स्टेशन पर बुधवार की रात बलिया जीआरपी ने 36 किलो गांजे के साथ पांच महिला समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए तस्करों में एक ने खुद को मऊ जिले के विहिप का पूर्व जिलाध्यक्ष बताया है। इस मामले में जीआरपी ने सभी का संबंधित धारा में चालान कर जेल भेज दिया है।
थानाध्यक्ष जीआरपी बलिया दिलीप कुमार पांडेय ने बताया कि बुधवार की रात प्लेटफार्म नंबर एक पर कुछ महिलाएं व एक पुरुष संदिग्ध हालत में दिखे। जब उनसे पूछताछ की गई तो उनकी बातों पर संदेह हुआ। उनके बैग की जब तलाशी ली गई तो बैग से 36 किलो 340 ग्राम गांजा बरामद हुआ।
वहीं जिस व्यक्ति को पकड़ा गया, पूछताछ के दौरान उसने खुद को विश्व हिंदू परिषद मऊ के पूर्व जिलाध्यक्ष रामाशीष कुमार राय बताया। पुलिस के सामने उसने स्वीकार किया कि उसके ही कहने पर सकना बीबी पत्नी फजुल अली, माजिदा बेगम पत्नी अफजल अली, चामीना बेगम पत्नी मुस्तफा अली, तस्लीम बेगम, सायरा बेगम निवासी उड़ीयस थाना रंगिया जिला कामरुप असम ने गांजा की तस्करी करने निकलीं।
इस मामले में मऊ और बलिया के विहिप के विभाग मंत्री रामकृष्ण भारद्वाज ने कहा कि पूर्व जिलाध्यक्ष रहे रामआशीष राय को उनके कृत्य के कारण संगठन ने काफी समय पहले हटा दिया था। इससे पूर्व भी उनके विरुद्घ संगठन को शिकायतें मिल रही थी। इस पर संगठन ने उन्हें पद से हटाया।
इसबीच विधान सभा चुनाव में उन्होंने सदर क्षेत्र से निर्दल प्रत्याशी के रूप में पर्चा भरा था। रामआशीष राय मई 2014 से दिसंबर 2016 तक संगठन के जिलाध्यक्ष रहे।
मां के साथ-साथ बच्चे भी गए जेल
डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस से बलिया स्टेशन पर उतरे थे तस्कर
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स्टेशन पर गांजे के साथ पकड़ी गई महिलाओं के साथ उनके छोटे-छोटे बच्चे भी थे। ऐसे में अब जब महिलाओं को जेल जाना पड़ा तो इनके साथ-साथ चामीना बेगम की तीन वर्षीय बच्ची, सायरा बेगम का पांच वर्षीय बेटे को भी जेल जाना पड़ा। स्टेशन पर भारी मात्रा में गांजा बरामद होने का मामला प्रकाश में आने के बाद हड़कंप मच गया है। लेकिन हैरत की बात यह है कि तस्करी के लिए अब महिलाओं और बच्चों का सहारा लिया जा रहा है। ऐसी महिलाएं जिनके साथ उनके बच्चे भी हो, ताकि किसी को उन पर शक नहीं हो सके।