अंतर प्रांतीय लुटेरे गिरोह के दस बदमाशों को वाराणसी पुलिस ने शनिवार की रात रामनगर और चंदौली जिले से गिरफ्तार किया है। इनमें से एक बीएचयू के कला संकाय का स्नातक का छात्र है और वही शेष नौ व गैंग के अन्य बदमाशों को अपने किराये के कमरे पर शरण देता था।
बदमाशों के पास से .32 बोर की पिस्टल, छह कट्टा, 12 कारतूस, चोरी की आठ बाइक, 11 स्मार्ट फोन, तीन हजार रुपये और तीन चाकू बरामद हुआ है। गिरफ्त में आए बदमाशों की उम्र 21 से 25 साल के बीच है।
पढ़े-लिखे सभी बदमाश मौज-मस्ती के लिए लूट, चोरी जैसी वारदात को वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर से लेकर बिहार तक अंजाम देते थे। एसएसपी राम कृष्ण भारद्वाज ने रविवार को पुलिस लाइन सभागार में बताया कि शनिवार रात थानाध्यक्ष रामनगर राजीव सिंह को सूचना मिली कि बाइक सवार असलहे से लैस कुछ लोग रामनगर में एनएच दो पर ट्रकों को जबरन रुकवा कर चालकों से छीनाझपटी कर रहे हैं।
रामनगर एसओ ने यह सूचना क्राइम ब्रांच प्रभारी ओम नारायण सिंह को दी। क्राइम ब्रांच और रामनगर पुलिस ने घेरेबंदी की तो दो बाइक पर सवार बदमाशों ने फायरिंग की और भागने लगे। इसी दौरान दोनों बाइक टकराकर गिर गई तो पांच बदमाशों को दबोचा गया।
पांचों की सूचना पर चंदौली के धानापुर के बूढ़ेपुर से पांच और बदमाश गिरफ्तार किए गए। एसएसपी ने बताया कि बीएचयू के कला संकाय का स्नातक का छात्र भभुआ के कुरई का घनश्याम चौबे उर्फ गुड्डू इस गिरोह को मदरवा स्थित अपने किराये के मकान में शरण देता था।
गुड्डू अपने दोस्त जंसा के बरेमा निवासी यशलोक उर्फ राज सिंह के साथ गिरोह के सदस्यों को शहर में चोरी और लूट के स्थानों की रेकी कर जानकारी देता था। इस गिरोह ने बीते 20 जून को संकटमोचन मंदिर, 30 जून को बीएचयू परिसर और 14 जून को चौबेपुर में लूट की वारदात को अंजाम दिया था।
इन बदमाशों के खिलाफ हत्या का प्रयास, लूट, आर्म्स एक्ट, बलवा सहित अन्य आरोपों में डेढ़ दर्जन से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं।