बीते 23 जनवरी को डीरेका परिसर में हुए हत्याकांड का वाराणसी पुलिस ने रविवार को खुलासा कर दिया। डीरेका कर्मचारी नेता ताराधीश कुमार मुकेश की हत्या कर्मचारी परिषद चुनाव की रंजिश और ठेके में वर्चस्व के लिए की गई थी। डीरेका में ठेकेदारी करने वाला हिस्ट्रीशीटर पंकज सिंह उर्फ डब्लू राय और उसका रिश्तेदार अमित कुमार सिंह उर्फ रिक्कू ने मुकेश पर गोलियां बरसाईं थीं। जबकि, डब्लू का साढ़ू मटरू और दो शूटर उन्हें कवर कर रहे थे।
रविवार को इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस ने रिक्कू को गिरफ्तार कर लिया है। वारदात में प्रयुक्त नाइन एमएम की पिस्टल और तीन कारतूस बरामद किए गए हैं। वहीं, डब्लू व उसके भाई रविनारायण सिंह उर्फ बबलू राय, साढ़ू मटरू के अलावा दो अज्ञात की तलाश में दबिश जारी है। डब्लू राय कांग्रेस के एक पूर्व विधायक का करीबी माना जाता है।
उसका भाई रविनारायण सिंह डीरेका में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है। पिछले साल ताराधीश मुकेश ने उसे अविश्वास प्रस्ताव के जरिए कर्मचारी परिषद के संयुक्त सचिव पद से हटवा दिया था। इसके बाद दोनों भाइयों से जुड़े कई ठेकों की जांच भी कराई थी।
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बीते 23 जनवरी को डीरेका परिसर स्थित आवास के सामने कातिलों ने कार में ही अंधाधुंध गोलियां बरसा कर ताराधीश कुमार मुकेश की हत्या कर दी थी। रविवार को एसएसपी राम कृष्ण भारद्वाज ने पुलिस लाइन में बताया कि क्राइम ब्रांच प्रभारी विक्रम सिंह मुकेश हत्याकांड की तफ्तीश में लगे थे।
सर्विलांस, मुकेश के मोबाइल की कॉल डिटेल और वॉयस रिकॉर्डर के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची। चिह्नित आरोपियों में एक जलालीपट्टी क्षेत्र के विश्वकर्मा नगर निवासी अमित कुमार सिंह उर्फ रिक्कू को रविवार को पहाड़ी गेट के पास से गिरफ्तार किया गया। कड़ाई से पूछताछ की गई तो पूरी कहानी सामने आ गई।
बिहार निवासी मुकेश कर्मचारी परिषद के सदस्य थे। वर्ष 2017 में विवाद की शुरुआत तब हुई जब उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव के जरिए तत्कालीन संयुक्त सचिव रवि नारायण सिंह उर्फ बबलू को हटवा दिया। बबलू और उसका भाई वैष्णोनगर निवासी डब्लू राय मंडुवाडीह थाने के हिस्ट्रीशीटर हैं।
डीरेका में वर्षों से ठेकेदारी में हनक बनाए रखने वाले दोनों भाइयों के लिए यह बड़ा झटका था। इस बीच, कर्मचारी नेता मुकेश ने दोनों भाइयों से जुड़े कई ठेकों की जांच भी करा दी। इससे बबलू और डब्लू राय की मुश्किलें और बढ़ती गईं। ठेकेदारों के बीच उनकी हनक भी टूटने लगी।