वाराणसी के तरना पुल और गिलट बाजार तिराहा से रविवार की भोर शिवपुर पुलिस ने दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है। दोनों की शिनाख्त पांच-पांच हजार के इनामी बदमाश चौबेपुर के उगापुर के अरविंद यादव और चंदौली के अलीनगर के ख्यालगढ़ के शशिभूषण सिंह के तौर पर हुई है।
पुलिस ने अरविंद के पास पास से कट्टा-कारतूस और चोरी की बाइक बरामद कर दोनों को जेल भेज दिया। गिरफ्तार अरविंद के खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास व आर्म्स एक्ट के तीन और शशिभूषण के खिलाफ गैंगेस्टर, हत्या का प्रयास, लूट सहित अन्य आरोपों में आधा दर्जन मुकदमे दर्ज हैं।
एसएसपी नितिन तिवारी ने अपने कार्यालय में बताया कि थानाध्यक्ष शिवपुर को शनिवार की रात ढाई बजे के लगभग सूचना मिली थी कि एक सुपर स्प्लेंडर से एक बदमाश तरना बाजार की ओर से जा रहा है। सूचना के बाद पुलिस टीम ने तरना पुल पर घेरेबंदी की।
जिस सुपर स्प्लेंडर के आने की सूचना थी उसके दिखाई देते ही रुकने का इशारा किया गया तो बदमाश ने फायरिंग कर दी। पुलिस ने पीछा किया तो वह भागने की कोशिश में अनियंत्रित होकर गिर पड़ा। पूछताछ में अरविंद ने बताया कि उसके पिता की हत्या क्षेत्र के पूर्व प्रधान कैलाश यादव ने 24 नवंबर 2015 को अपने साथियों के साथ की थी।
प्रतिशोध में उसने अपने भाई के साथ मिलकर बीते दो जनवरी को चंद्रावती बाजार में कैलाश यादव की हत्या कर दी थी। वहीं, भोर में चार बजे के लगभग थानाध्यक्ष शिवपुर ने गिलट बाजार तिराहा के पास से शशिभूषण को गिरफ्तार किया। शशिभूषण ने बताया कि नई उम्र के लड़कों की उसकी गैंग है।
गैंग के सदस्य यूपी कॉलेज के छात्रों और उसके आसपास रहने वालों पर अपना प्रभाव बनाए रखते हैं और वसूली करते हैं। अरविंद चोरी की जिस बाइक पर सवार था, उसकी आगे की नेमप्लेट पर पुलिस और पीछे भगवा रंग का स्टीकर लगा हुआ था।
उसने बताया कि आगे पुलिस लिखा होने से कहीं भी वाहन चेकिंग के दौरान उसे किसी प्रकार की परेशानी नहीं होती थी। बताया कि बाइक के पीछे भगवा रंग का स्टीकर उसने शौक में लगवा रखा था।