वाराणसी के बड़ागांव क्षेत्र के सोमवार की सुबह हरहुआ चौराहे से लेखपाल दिवाकर उपाध्याय को दस हजार रुपये घूस लेते एंटी करप्शन की टीम ने रंगेहाथ गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश पर की गई। बड़ागांव के भटौली गांव निवासी किसान रामभरोसे उर्फ अच्छेलाल ने पैमाइश के लिए लेखपाल के रिश्वत मांगने की शिकायत मुख्यमंत्री कार्यालय से की थी। एंटी करप्शन की टीम ने लेखपाल दिवाकर के खिलाफ बड़ागांव थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करा कर उसे पुलिस को हवाले कर दिया।
भटौली निवासी किसान रामभरोसे की वाराणसी-बाबतपुर मुख्य मार्ग पर हरहुआ चौराहा के पास धनेसरी गांव में जमीन है। रामभरोसे के अनुसार इस जमीन पर कुछ मनबढ़ जबरन कब्जा किए हुए हैं। जमीन की पैमाइश के लिए उन्होंने एसडीएम पिंडरा के यहां आवेदन किया था। एसडीएम पिंडरा ने जुलाई महीने में ही जमीन की पक्की पैमाइश का आदेश क्षेत्रीय लेखपाल और प्रभारी निरीक्षक राजस्व दिवाकर उपाध्याय को दिया था।
रामभरोसे का आरोप है कि लेखपाल दिवाकर ने पैमाइश के लिए एक लाख रुपये घूस मांगी। रामभरोसे दो बार में 20 हजार रुपये लेखपाल दिवाकर को दे चुका था लेकिन वह पूरी रकम मिलने के बाद ही पैमाइश पर अड़ा रहा। तब रामभरोसे ने करीब 15 दिन पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दरबार में गुहार लगाई।
मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश पर एंटी करप्शन की टीम ने लेखपाल को रंगेहाथ गिरफ्तार करने की रणनीति बनाई। इसके तहत केमिकल युक्त दो-दो हजार के पांच नोट के साथ हरहुआ चौराहा स्थित लेखपाल के निजी कार्यालय पर रामभरोसे को भेजा गया।
लेखपाल ने जैसे ही रामभरोसे से नोट लेकर गिनना शुरू किया, वैसे ही एंटी करप्शन के इंस्पेक्टर रामसागर, प्रेमशंकर दूबे व गोविंद वल्लभ जोशी और एसआई ओमप्रकाश की टीम ने उसे धर-दबोचा।
लेखपाल की दोनों हथेली धुलवाई गई तो नोटों में केमिकल लगे होने के कारण वह लाल हो गई। थानाध्यक्ष बड़ागांव ने बताया कि पकड़ा गया लेखपाल रोहनिया थाना क्षेत्र के मोहनसराय का रहने वाला है। उसका चालान कर दिया गया है।