मुंबई अंडरवर्ल्ड में कभी दाऊद इब्राहिम के निशाने पर रहे फूलपुर के थाना रामपुर निवासी उदयभान सिंह को एसटीएफ ने सोमवार की सुबह मुंबई पुलिस की मदद से गिरफ्तार कर लिया।
सारनाथ के सथवां से उसकी गिरफ्तारी हुई। गुरु साटम गैंग के शूटर उदयभान सिंह ने 1990 में मुंबई में हुई गैंगवार में अपने तीन साथियों के साथ दाऊद के करीबी सीमेंट कारोबारी बालाराम म्हात्रे की उसके ही घर में गोली मारकर हत्या कर दी थी।
दाऊद ने 1990 में मुंबई के एक जनप्रतिनिधि के करीबी पिंट्या भगत की हत्या अपने शूटर काले महमूद से कराई थी। मृतक का संबंध गुरु साटम गैंग से था।
ऐसा माना जाता था कि बालाराम म्हात्रेे के कहने पर ही पिंट्या भगत की हत्या की गई। इसका बदला लेने के लिए साटम गैंग ने 16 मार्च 1990 को दाऊद के करीबी मुंबई के बालू व्यवसायी बालाराम म्हात्रे की हत्या करा दी।
विवेचना के दौरान यह तथ्य प्रकाश में आया कि हत्या साटम गैंग के शूटर मुंबई के सुरेश मचेकर, वाराणसी के अनिल चौबे व उदयभान सिंह ने की थी। इन्हें 15 लाख की सुपारी दी गई थी।
काफी दिनों तक दाऊद के शूटर अनिल और उदयभान को तलाशते रहे लेकिन वह हाथ नहीं आए। इसी दौरान सुरेश मचेकर को मुंबई पुलिस ने मुठभेड़ में मारा गिराया।
अनिल चौबे उर्फ विजय सिंह को मुंबई पुलिस ने 15 दिन पूर्व वाराणसी से गिरफ्तार किया था। अनिल से पूछताछ के बाद ही उदयभान सिंह के बारे में जानकारी मिली।
इधर, गिरफ्तारी की भनक से उदयभान घर छोड़ कर भागा हुआ था। कई दिनों तक वह जौनपुर में छिपा था। सोमवार की सुबह वह किसी से मिलने सारनाथ जा रहा था।
सर्विलांस की मदद और मुखबिर की सूचना के बाद उसे सथवां से गिरफ्तार किया गया। उसके पास से दो मोबाइल, एक सिम और एक बाइक बरामद की गई।
उदयभान सिंह के विरुद्ध वाराणसी व महाराष्ट्र में लगभग दो दर्जन मुकदमे दर्ज हैं। इसके आपराधिक इतिहास के बारे में गहन छानबीन की जा रही है।
मुंबई पुलिस दो दिन की ट्रांजिट रिमांड पर उसे अपने साथ ले गई। उदयभान को गिरफ्तार करने वाली टीम में इंस्पेक्टर शैलेश सिंह, एसआई सुनील कुमार वर्मा, अरविंद सिंह, हेड कांस्टेबल अंगद यादव, राहुल सिंह आदि शामिल थे।