जौनपुर रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार की शाम अवैध वेंडरों ने शुक्रवार को छपरा से सूरत जाने वाली ताप्ती गंगा एक्सप्रेस में जमकर हंगामा किया। अवैध वेंडरों ने एक्सप्रेस के पैंट्रीकार मैनेजर की जमकर पिटाई कर दी।
हमले में प्रबंधक समेत पैंट्रीकार के दो वेंडर भी गंभीर रूप से जख्मी हैं। ट्रेन जब वाराणसी पहुंची तो कैंट जीआरपी ने तीनों घायलों को स्वास्थ्य परीक्षण के लिए कबीर चौरा मंडलीय अस्पताल भेजा।
मैनेजर का आरोप था कि आरपीएफ सिपाही की शह पर अवैध वेंडरों ने हमला किया। कैंट स्टेशन पर कुणाल ने जीआरपी को बताया कि ट्रेन जब जौनपुर में रुकी तो पैंट्रीकार का वेंडर संजीव कुमार वर्मा यात्रियों को खाने की सामग्री देने गया।
इसी दौरान बोगियों में अवैध वेंडर घुस गए और उसे हटाने लगे। संजीव ने यात्रियों से पैसे लेने के बाद जाने की बात कही तो वे उलझ गए। एक अवैध वेंडर ने ईंट से संजीव का सिर फोड़ दिया।
अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज
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संजीव ने बलिया के बांसडीह, कचहरी का पैंट्रीकार में पहुंचकर मैनेजर और साथियों से सारी बात बताई। इस दौरान प्लेटफार्म पर दो से तीन दर्जन अवैध वेंडर जमा हो गए। इसके चलते पैंट्रीकार का दरवाजा बंद कर दिया गया। दरवाजा बंद होने पर कोच नंबर नोट कर रहा आरपीएफ सिपाही वहां आया। उसने गेट खोलने को कहा।
वर्दी में सिपाही को देख गेट खोलते ही अवैध वेंडरों ने मैनेजर कुणाल सिंह, पैंट्रीकार वेंडर संजीव और बिहार के गया निवासी सुदर्शन सिंह को बाहर खींच लिया। इसके बाद तीनों की जमकर पिटाई कर दी। घटना के दौरान मौके पर आरपीएफ के सिपाही भी थे। कोई कार्रवाई न करते देख तीनों ट्रेन से कैंट स्टेशन आ गए।
कैंट जीआरपी प्रभारी जेपी सिंह ने बताया कि घायलों की तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर इसे जौनपुर जीआरपी को स्थानांतरित कर दिया गया है। वृंदावन फूड प्रोजेक्ट की ओर से यह पैंट्रीकार संचालित हो रही है।