दुर्गा कुंड स्थित जालांस सुपर मार्केट में मिलावटी हल्दी बेचने के मामले में शासन ने जालान प्रबंधन के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की अनुमति दे दी है। शासन ने भी माना है कि बेची गई हल्दी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक थी। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) विभाग जल्दी ही एसीजेएम प्रथम की अदालत में खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम की धारा 59 (1) के तहत मुकदमा दर्ज कराएगा। ऐसे मामले में छह महीने की कैद और पांच लाख रुपये जुर्माने का प्रावधान है।
एफएसडीए ने बीते साल जालांस सुपर मार्केट से हल्दी, काजू, उड़द की दाल और सौंफ का सैंपल लिया था। इसे जांच के लिए लखनऊ लैब भेजा गया था। जांच में काजू, उड़द की दाल और सौंफ अन सब स्टैंडर्ड तो हल्दी अनसेफ पाई गई। हल्दी के अनसेफ मिलने के मामले में जालांस सुपर मार्केट ने हल्दी के सैंपल को गाजियाबाद लैब से जांच कराने की अपील की थी, जिसे स्वीकार कर लिया गया। वहीं उड़द की दाल, काजू और सौंफ के मामले में एडीएम सिटी की अदालत में सुनवाई चल रही थी।
आरोप है कि काजू, उड़द की दाल और सौंफ के पैकेट पर पैकिंग की तारीख और एक्सपायरी की तारीख स्पष्ट नहीं थी। इन तीनों मामलों में अदालत ने जालांस को दोषी मानते हुए उस पर 20-20 हजार का जुर्माना लगाया। जालांस की ओर से जुर्माने की राशि जमा कर दी गई। वहीं गाजियाबाद लैब की जांच रिपोर्ट में हल्दी को स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बताया गया। जालांस की अपील में एक अन्य लैब में जांच कराई गई लेकिन वहां भी रिपोर्ट निगेटिव आई। इस पर एफएसडीए ने सुपर मार्केट के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए शासन से अनुमति मांगी थी। पिछले दिनों शासन की ओर से इसकी अनुमति देे दी गई।