लंका क्षेत्र के भगवतीपुर में मंगलवार की भोर में अशोक कुमार विश्वकर्मा (46) का शव उसके घर से कुछ दूर एक कुएं में मिला। घरवालों ने हत्या का आरोप लगाया है। उनका कहना था कि सोमवार की रात जमीन बंटवारे के विवाद में अशोक के बड़े भाई, उसकी पत्नी और बेटों ने उसके साथ मारपीट की। शिकायत करने पर रमना पुलिस चौकी से दो सिपाही आए और डांट-फटकार कर लौट गए। इसके बाद हमलावर दोबारा चढ़े और मारपीट करने के बाद अशोक को साथ लेते गए थे।
रोहनिया थाना क्षेत्र के मूड़ादेव के मूल निवासी कारपेंटर अशोक बड़े भाई सुरेश से विवाद के बाद घर से दूर लंका क्षेत्र के भगवतीपुर में किराये के मकान में रहते थे। सोमवार को वह अपनी मां फूलपत्ती देवी के त्रयोदशाह में शामिल होने के लिए मूड़ादेव गए थे। अशोक के बड़े बेटे संजय ने बताया कि भोज वगैरह का कार्यक्रम खत्म होने के बाद जमीन के बंटवारे की बात शुरू हुई।
इस पर उसके बड़े पिता सुरेश और उनके तीन बेटों ने अशोक से मारपीट शुरू कर दी। जिसके बाद अशोक परिवार को लेकर भगवतीपुर चले आए और बेटे संजय ने पुलिस कंट्रोल रूम को मामले की सूचना दी। सूचना पर रमना पुलिस चौकी से आए दो सिपाहियों ने कार्रवाई की बजाय अशोक के परिवार के लोगों को ही डांटकर शांत करा दिया।
अशोक की पत्नी सितारा और उसके दो बेटों संजय और सुनील का आरोप है कि पुलिस के जाते ही सुरेश, अपनी पत्नी शीला और बेटे मनीष, रवि, राहुल उनके घर आ धमके। फिर अशोक के साथ मारपीट की और उन्हें साथ लेते गए। सूचना फिर पुलिस को दी गई पर करीब डेढ़ घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची। लंका पुलिस ने घटना की तहरीर तक लेने में आनाकानी की।
उधर, लंका थानाध्यक्ष संजीव कुमार मिश्रा ने बताया कि अशोक के परिवार का आरोप सही नहीं हैं। अशोक शराब के नशे में था, पत्नी से भी उसका विवाद चल रहा था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।