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शर्मनाक : पुलिस की मौजूदगी में दुष्कर्म पीड़िता ने की आत्महत्या

Sun, 20 Aug 2017 10:45 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, सोनभद्र
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रामपुर बरकोनिया थाना क्षेत्र के डुमरिया गांव में शुक्रवार की रात दुष्कर्म पीड़ित छात्रा नीतू (17) ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के वक्त रामपुर बरकोनिया एसओ सतेंद्र कुमार किशोरी और उसके पिता जोगेंद्र सिंह पर बयान बदलने का दबाव डाल रहे थे।  
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पुलिस की जीप से ही रात में शव को जिला अस्पताल लाया गया। रास्ते में एसओ ने जोगेंद्र से मामले को दबाने के लिए सौदेबाजी करने की कोशिश की। उधर सूचना पर शनिवार सुबह जिलाधिकारी पीके उपाध्याय ने पोस्टमार्टम हाउस पर जोगेंद्र सिंह से घटनाक्रम की जानकारी ली।

एसओ सत्येंद्र कुमार को निलंबित कर दिया गया है। जबकि रेणुकूट चौकी इंचार्ज सत्य प्रकाश सिंह को रामपुर बरकोनिया भेजा गया है। 10 जून को डुमरिया गांव की नीतू (17) संदिग्ध हालात में लापता हो गई थी। किशोरी के पिता जोगेंद्र सिंह ने घटना की सूचना पुलिस को दी।
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लेकिन एसओ ने मुकदमा दर्ज करने नाम पर एक माह तक जोगेंद्र सिंह को दौड़ाया। 11 जुलाई को मामला संज्ञान मेें आने पर एसपी के निर्देश पर पुलिस ने कोतवाली क्षेत्र के लोढ़ी निवासी श्रवण कुमार, डुमरिया के विनोद तिवारी, पीड़ित पिता के भाई की पत्नी सुशीला, महिमा और कल्पना के खिलाफ अपहरण और बलात्कार का मुकदमा दर्ज किया।

इनमें से सुशीला छात्रा की सगी चाची है।  27 जुलाई को पुलिस ने करमांव तिराहे से नीतू को बरामद किया। साथ में श्रवण कुमार और विनोद तिवारी को गिरफ्तार किया गया। मगर बाकी आरोपियों पर कार्रवाई के नाम पर पुलिस चुप रही।
 
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सुशीला को झूठे मुकदमे में फंसाने की दी धमकी

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जोगेंद्र सिंह के मुताबिक शुक्रवार शाम 6.30 बजे के करीब पुलिस की जीप आरोपी बनाई गई सुशीला के घर दिखी। वहां रामपुर बरकोनिया एसओ सत्येंद्र कुमार और चार पांच सिपाही मौजूद थे। जोगेंद्र सिंह को भी सुशीला के घर बुलाया गया।

थोड़ी देर बाद एसओ जोगेंद्र उन्हें लेकर उसके घर आए और नीतू से पूछताछ करने लगे। एसओ सुशीला को झूठे मुकदमे में फंसाने की बात करने लगे। जोगेंद्र के मुताबिक नीतू ने एसओ को स्पष्ट तौर पर बताया कि चाची के बरगलाने पर ही वह घर से भागी थी।

मगर एसओ सुशीला को निर्दोष बताते रहे और दबाव बनाते रहे। इसी बीच जोगेंद्र गश खाकर गिर पड़े। एसओ ने नीतू से पानी मंगवाया। दस मिनट बाद जोगेंद्र को होश आ गया। काफी देर तक नीतू पानी लेकर नहीं आई तो एसओ और जोगेंद्र बात करते हुए पुलिस जीप के पास पहुंचे।

जोगेंद्र को सुबह थाने आने की बात कहते हुए एसओ गाड़ी में बैठ ही रहे थे कि जोगेंद्र की पत्नी इमिलवाशु कुंवर सिंह शोर मचाने लगी। सभी लोग भागे भागे पहुंचे तो देखा कि नीतू फंदे से लटक रही है। आनन फानन में फंदा काटकर नीतू को नीचे उतारा गया।

पुलिस जीप से नीतू को तियरा पीएचसी ले जाया गया जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। यहां से एसओ शव को जिला अस्पताल ले आए। रात में ही कोतवाली पुलिस भी पहुंच गई।  शनिवार की सुबह जिला अस्पताल में डीएम पीके उपाध्याय ने पहुंच कर जोगेंद्र सिंह से घटना की जानकारी लेने के साथ ही शव के दाह संस्कार के लिए आर्थिक मदद भी की।

वहीं अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार दीक्षित ने बताया कि रामपुर बरकोनिया एसओ सतेंद्र कुमार को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही योगेेंद्र सिंह की तहरीर पर श्रवण कुमार, विनोद तिवारी, सुशीला, महिमा और कल्पना के खिलाफ सुलह के लिए दबाव डालने के लिए प्रताड़ित करने का मामला भी दर्ज कर लिया गया है।
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