सोये हुए पिता पुत्र के तख्त और चारपाई के नीचे डेटोनेटर फ्यूज और वायर लगा किए धमाके
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वाराणसी के मिल्कोपुर गांव में आईईडी से दो धमाके कर सोये हुए व्यापारी पिता पुत्र की हत्या कर दी गई। जमीन विवाद में नक्सली तौर तरीके से की गई इन हत्याओं से पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मच गया। मुख्यमंत्री कार्यालय से पूरी स्थिति पर नजर रखी गई और प्रधानमंत्री कार्यालय से भी घटना का अपडेट मांगा गया। हत्या के लिए डेटोनेटर फ्यूज और बैटरी की मदद से आईईडी लगाकर दो विस्फोट किये गए। पुलिस ने दस लोगों को हिरासत में लिया है। छह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
मंगलवार रात खली-चूनी व्यापारी लालजी यादव (50) बरामदे में और उनका बेटा अजय (20) बाहर सड़क किनारे सोये थे। आरोपियों ने लालजी के तख्त और अजय की चारपाई के नीचे सिराहने की ओर दो अलग-अलग आईईडी लगा दिए। रात एक बजे दो विस्फोट हुए।
विस्फोट में पिता और पुत्र के सिर उड़ गये। मांस के लोथड़े 40 मीटर दूर जाकर गिरे। जांच एजेंसियों ने मौके से लगभग 15 मीटर लंबा बिजली का तार बरामद किया है। नामजद आरोपियों में से तीन सहित दस लोगों को हिरासत में लेकर क्राइम ब्रांच अज्ञात स्थान पर पूछताछ कर रही है।
वारदात के खुलासे के लिए एसएसपी ने क्राइम ब्रांच सहित छह टीमें गठित की है। वारदात की जानकारी होते ही लखनऊ से बम निरोधक दस्ता आतंकवाद निरोधक दस्ता की टीम शहर के लिए रवाना हो गई थी। वहीं, गुरुवार को नई दिल्ली से एनआईए की टीम आने की संभावना जताई गई है।
ये हैं आरोपी
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चौबेपुर थाने में लालजी के भाई श्यामजी की तहरीर पर चौक थाना के नंददत्ता हुसैनशाह निवासी प्रतीक वर्मा उर्फ विक्की, उसके परिवार के तीन सगे भाइयों किरन चंद वर्मा, विपिन चंद वर्मा, विनोद चंद वर्मा और लखरांव के मुन्नीलाल यादव व उसके बेटे सोनू के खिलाफ हत्या, आपराधिक षड्यंत्र और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया है।
चौबेपुर थाना अंतर्गत पचरांव गांव निवासी लालजी यादव मिल्कोपुर में गौराकलां-जाल्हूपुर मार्ग के किनारे मकान बनवा कर रहने के साथ ही खली-चूनी का व्यापार करते थे। श्यामजी के अनुसार मंगलवार की रात लालजी बरामदे में तख्त पर और उनसे थोड़ी दूर बाहर चारपाई पर अजय सोया हुआ था। एक बजे के लगभग दो तेज धमाके हुए तो ग्रामीण भयभीत हो उठे।
बुधवार की भोर ग्रामीण टहलने निकले तो सड़क किनारे चारपाई उल्टी पड़ी थी और बगैर सिर का अजय जमीन पर पड़ा था। ग्रामीण थोेड़ा आगे बढ़े तो कुछ ऐसा ही हाल लालजी का भी था और उनके सिर के ऊपर का एसबेस्टस का छज्जा भी उड़ा हुआ था।
ग्रामीण शोर मचाते हुए भागे और सूचना पुलिस को दिए। थोड़ी ही देर में 10 थानों की फोर्स, डॉग स्क्वॉड, फोरेंसिक टीम, बम निरोधक दस्ता और विधि विज्ञान प्रयोगशाला की टीम के साथ एसएसपी मौके पर पहुंचे। इस संबंध में एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि जमीन विवाद की रंजिश में वारदात को अंजाम दिया गया है। आरोपी जल्द ही हमारी गिरफ्त में होेंगे।
ग्रामीणों ने समझा ट्रक का टायर फटा
रोते- बिलखते परिजन
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मिल्कोपुर के ग्रामीणों ने बताया कि मंगलवार की रात जब लगातार दो तेज धमाके हुए तो उन्हें लगा कि जाल्हूपुर-गौराकलां मार्ग से गुजरने वाले ट्रकों का टायर फटा है। इसी वजह से किसी ने ध्यान नहीं दिया। बुधवार की भोर ग्रामीण दैनिक क्रिया के लिए निवृत्त होने निकले तो चारपाई के नीचे पड़े अजय को देख माजरा समझ में आया।
आतंकी और नक्सली हमले से तुलना
मिल्कोपुर में बाप-बेटे की हत्या के बाद मौके पर गांव सहित आसपास के गांवों के सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ सुबह से दोपहर बाद तक डटी रही। कोई घटना को नक्सलियों की करतूत तो कोई इसे आतंकी हमला बता रहा था। कई ग्रामीणों ने इस वारदात को बनारस में पूर्व में हुए आतंकी हमले से भी जोड़ा।
गिरफ्तारी के लिए लगाया जाम
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मिल्कोपुर गांव में पिता-पुत्र की हत्या की जानकारी पाकर सपा जिलाध्यक्ष डॉ. पीयूष यादव घटनास्थल पर पहुंचे। हत्यारों की तत्काल गिरफ्तारी और पीडि़त परिवार को मुआवजा दिलाने की मांग लेकर उन्होंने लालजी यादव के घर के सामने जाल्हूपुर-गौराकलां मार्ग को जाम कर दिया।
इस दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस और प्रशासन विरोधी नारेबाजी भी की। एसडीएम सदर ने आश्वस्त किया कि राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ के साथ ही किसान दुर्घटना बीमा के तहत पीडि़त परिवार को आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी।
इसके बाद जाकर लगभग दो घंटे बाद 11 बजे जाम खत्म हुआ। वारदात की जानकारी पाकर पूर्व सांसद रामकिशुन यादव भी मौके पर पहुंचे। वह मिल्कोपुर के बाद बीएचयू स्थित पोस्टमार्टम हाउस भी गए और पीडि़त परिवार को ढांढस बंधाया।
जुलाई 2010 में हुआ था मंत्री पर बम से हमला
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जुलाई, 2010 में प्रदेश सरकार के मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी पर रिमोट बम से हमला किया गया था। स्कूटी को गली में खड़ा कर रिमोट से उड़ाने की कोशिश की गई थी। धमाके में दो लोगों की मौत हो गई थी, जबकि नंदी गंभीर रूप से घायल हुए थे। वहीं, पूर्वांचल के बदमाशों की बात की जाए तो राजू तिवारी बम बनाने में एक्सपर्ट था जिसे एसओजी ने मुठभेड़ में मार गिराया था।
हत्याएं पहले भी हुईं
हालांकि विस्फोटक पदार्थ से धमाका कर हत्या का यह पहला मामला है। इससे पहले तीन मई की रात सारनाथ थाना अंतर्गत रजनहिया में बसंता यादव और उसके भतीजे राजेश की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। चार दिसंबर, 2015 की सुबह श्रीकंठपुर निवासी बसपा नेता और एमएलसी बृजेश सिंह के करीबी रामबिहारी चौबे पर अंधाधुंध गोलियां बरसा कर उनकी हत्या कर दी गई थी।
जुलाई, 2013 में बृजेश सिंह के पट्टीदार धौरहरा निवासी सतीश सिंह की नाइन एमएम की पिस्टल से गोली मार कर हत्या की गई थी। फरवरी, 2017 मेें भेलूपुर थाना अंतर्गत बिरदोपुर क्षेत्र की मीना तिवारी और उनकी बहू कल्पना की घर में घुस कर हत्या की गई थी।
चोलापुर थाना अंतर्गत उदयपुर साई गांव में नवंबर, 2016 में ऑटो चालक अमित प्रजापति का धड़ मिला था और सिर आज तक बरामद नहीं हो सका। फरवरी, 2014 में पांडेयपुर क्षेत्र में पूर्व बसपा नेेता अमीरचंद पटेल की पत्नी हीरावती देवी और ससुर खरपत्तू पटेल की घर में घुस कर हत्या कर दी गई थी।
प्रवासी भारतीय सम्मेलन के लिए अतिरिक्त सतर्कता
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2019 की शुरुआत में शहर में प्रवासी भारतीय सम्मेलन का आयोजन होना है। इससे पहले व्यक्तिगत रंजिश से जुड़े मामले में डेटोनेटर फ्यूज और आईईडी के इस्तेमाल ने खुफिया एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। मौके पर मौजूद पुलिस-प्रशासन और खुफिया इकाइयों के अधिकारियों ने इसे लेकर गहरी चिंता जताई। सुरक्षा एजेंसियों ने प्रवासी भारतीय सम्मेलन के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा है।