तीन दिन पहले ही मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा हुई थी
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गाजीपुर जिले के पलिया गांव में बुधवार की रात मां काली मंदिर परिसर में तीन दिन पहले प्रतिष्ठित की गई मां काली की मूर्ति को अराजकतत्वों ने क्षतिग्रस्त कर मूर्ति का आधा हिस्सा खेत में फेंक दिया। गुरुवार की सुबह मूर्ति टूटने की जानकारी होते ही मंदिर पर ग्रामीण की भीड़ एकत्रित हो गई।
पुजारी की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है।
क्षेत्र में पलिया गांव के पूर्वी तरफ मां काली मंदिर परिसर में गांव के बिट्टू सिंह की देख-रेख में तीन दिन पूर्व वाराणसी से आए ब्राह्मण ने विधिक मंत्रोचार के बीच मां काली की मूर्ति की स्थापना की थी। इसके बाद यहां श्रद्धालुओं द्वारा दर्शन-पूजन का सिलसिला शुरु हो गया।
रोज की तरह गुरुवार की देर शाम भी मंदिर के पुजारी प्यारेलाल मंदिर बंद कर घर चले गए। देर रात किसी समय अराजक तत्वों ने मूर्ति को क्षतिग्रस्त कर दिया। मूर्ति का एक हिस्सा गायब हो गया है। गुरुवार की सुबह गांव के गुरुचरण राजभर मंदिर में पूजा करने पहुंचे, तो टूटी मूर्ति देख वह अवाक रह गए।
उन्होंने तत्काल इसकी जानकारी पुजारी को दी। मूर्ति टूटने की खबर करेंट की तरह गांव में फैल गई और कुछ ही देर में वहां ग्रामीण एकत्र हो गए। ग्रामीण मूर्ति के आधे हिस्से की मंदिर के आस-पास खोजबीन करने लगे।
उन्हें मंदिर से कुछ दूरी पर गेहूं के खेत में मूर्ति का टूटा हिस्सा मिला। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष विपिन सिंह पुलिस कर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे और पुजारी से पूछताछ करने के बाद मामले की छानबीन में जुट गए। सीओ रामदरश यादव ने बताया कि शीघ्र ही मामले का खुलासा कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।