बबिता की मौके पर ही मौत हो गई जबकि उसकी सहेली हादसा देख बेहोश हो गई। हादसे से गुस्साए ग्रामीणों और कॉलेज के छात्रों ने पीएचसी के सामने सड़क पर शव रख कर चक्काजाम कर दिया। एसडीएम सदर और सीओ पिंडरा के काफी समझाने के बाद लोेग शांत हुए तब वाराणसी-गाजीपुर मार्ग पर आवागमन सामान्य हुआ।
गौराकला (घुघुरी) निवासी किसान हृदय नारायण मौर्या की बेटी बबिता मौर्या (19) बरियासनपुर स्थित एक कॉलेज में पढ़ती थी। बुधवार की दोपहर सवा एक बजे छात्रवृत्ति का पता लगाने के लिए वह फुटहवानार स्थित बैंक के लिए सहेली अंकिता के साथ निकली। बैंक से निकलकर दोनों अपनी-अपनी साइकल से कॉलेज लौट रही थीं। चिरईगांव पीएचसी के सामने पहुंचते ही वाराणसी की ओर से आ रही सफारी ने बबिता की साइकल पर जोरदार टक्कर मार दी। इससे बबिता उछल कर सफारी के बोनट पर पहुंची और फिर सड़क पर गिर गई।
इस पर भी चालक ने सफारी रोकने के बजाय बबिता को रौंदते गाजीपुर की ओर भाग निकला। कुछ ही देर में मौके पर भीड़ जुट गई और आक्रोशित लोगों ने पीएचसी के सामने शव रख चक्काजाम कर दिया। सभी की मांग थी कि पीएचसी के सामने स्पीड ब्रेकर बनाया जाए और ट्रैफिक पुलिस लगाई जाए। साथ ही, बबिता के परिवार वालों को मुआवजा देकर सफारी के चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो।
एसडीएम सदर और सीओ पिंडरा ने आश्वस्त किया कि मुआवजे के लिए शासन को पत्र भेजा जाएगा। साथ ही ट्रैफिक पुलिस और स्पीड ब्रेकर की व्यवस्था की जाएगी। तब लोग शांत हुए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। करीब चार बजे आवागमन सामान्य हुआ।