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भाजपा जिला महामंत्री के बड़े भाई के घर डकैती, भतीजे को मारा चाकू

Tue, 17 Jul 2018 08:58 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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वाराणसी के मेहदीगंज में भाजपा के जिला महामंत्री प्रहलाद गुप्ता के बड़े भाई के घर पर सोमवार की रात नकाबपोश बदमाशों ने हमला बोला। जिला महामंत्री के भाई कपड़ा व्यापारी धर्मराज पटेल के घर बदमाशों ने धावा बोलकर परिवार के सदस्यों को चाकू की नोक पर बंधक बना लिया।

विरोध करने पर धर्मराज के बेटे अमित को चाकू से घायल कर बदमाश नगदी, जेवरात और मोबाइल सहित तीन लाख रुपये से ज्यादा का माल समेट ले गए। धर्मराज के छोटे भाई भाजपा के जिला महामंत्री प्रहलाद गुप्ता ने एसएसपी को कॉल कर वारदात की जानकारी दी तो मौके पर डॉग स्क्वॉड और फोरेंसिक टीम के साथ पुलिस पहुंची लेकिन बदमाशों को सुराग नहीं लग सका। वारदात को लेकर इलाके के लोगों में भय का माहौल व्याप्त है।
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धर्मराज गुप्ता की राजातालाब में कपड़े की दुकान और मेहदीगंज में नेशनल हाइवे के किनारे मकान है। सोमवार की रात 12:30 बजे के लगभग धर्मराज के बेटे अमित के कमरे का दरवाजा किसी ने खटखटाया और पानी मांगा तो उसे लगा कि उसके पिता हैं।

अमित ने दरवाजा खोला तो बदमाशों ने उसके गले पर चाकू सटा दिया और कमरे में घुस कर आलमारी खोलने लगे। इसी बीच अमित दो बदमाशों से उलझ कर उन्हें दबोच लिया तो बाकी दो ने उसके हाथ पर चाकू से वार कर लहूलुहान कर दिया।

इसके बाद बदमाश अमित के भाई अजीत का कमरा खुलवाए और गले पर चाकू सटाकर आलमारी खुलवाए। इसके बाद धर्मराज, उनकी पत्नी भागमनी और बहु सुनीता को चाकू सटा कर जेवर उतरवाए और आलमारी में रखे 20 हजार रुपये के साथ ही तीन मोबाइल समेट लिए।

घर की चहारदीवारी फांद कर भागे बदमाशों ने परिवार को धमकाया कि शोर मचाए तो पूरे परिवार की हत्या कर दी जाएगी। आशंका जताई गई है कि घर में घुसे बदमाशों के अलावा बाहर भी बदमाश मौजूद थे। हालांकि मिर्जामुराद पुलिस ने बदमाशों की संख्या चार ही मानते हुए मामले को लेकर लूट का मुकदमा दर्ज किया है।
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नहीं उठा इंस्पेक्टर का सरकारी मोबाइल तो सौ नंबर पर किया कॉल

धर्मराज ने बताया कि बदमाशों के भागने के बाद उन्होंने इंस्पेक्टर मिर्जामुराद के सीयूजी नंबर पर चार बार कॉल किया लेकिन रिसीव नहीं हुआ। तब वे निराश होकर सौ नंबर पर कॉल किए और आपबीती सुनाए।

उधर, सुबह घटना की जानकारी होने पर धर्मराज के घर के बाहर ग्रामीणों की भीड़ लगी हुई थी। ग्रामीणों का कहना था कि पुलिस यदि रात्रिकालीन गश्त को लेकर पुलिस गंभीरता दिखाती तो ऐसी वारदात न होती।

भुक्तभोगी धर्मराज ने बताया कि वह और उनका परिवार लाइट की बटन ऑन कर रहे थे तो बदमाश उसे तत्काल ऑफ कर दे रहे थे। इसे लेकर आशंका जताई गई है कि हो सकता है बदमाश इलाके के ही रहने वाले हों और पहचान उजागर होने से डर रहे होंगे। बताया कि बदमाश चहारदीवारी फांद कर घर में घुसे थे और बात-बात पर जान से मारने की धमकी दे रहे थे।
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