ये कार्य प्रभावित :
फुलवरिया फोरलेन-
इस काम को सेतु निगम करवा रहा है। सड़क निर्माण का काम पीडब्ल्यूडी को करना है। आरोपी एई एसडी मिश्र की अगुवाई में यहां अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया था। अब काम ठप है।
भिखारीपुर से अमरा-अखरी फोरलेन-
इस मार्ग पर पर गिट्टियां डालकर छोड़ी गई हैं। कई जगहों से अतिक्रमण हटाया गया है, लेकिन उसका मलबा नहीं हटाया गया है। कई जगहों पर डिमार्केशन का काम बाकी है।
कबीरचौरा का एमसीएच विंग-
इसी का भुगतान फंसने के कारण अवधेश चंद्र श्रीवास्तव ने आत्महत्या की थी। इस काम की एमबी नहीं करने पर आरोपी जेई और एई को निलंबित कर जेल भेजा गया है। यहां भी काम ठप है।
कैंट से लंका मार्ग-
शहर के सबसे प्रमुख मार्ग को नए सिरे से बनाना था। इस पर कई जगहों पर पेयजल की पाइप लाइनें फूटी थी, जिन्हें दुरुस्त कराया गया, लेकिन अब इसका निर्माण कार्य रुक गया है।
कैंट से मोहनसराय मार्ग-
इलाहाबाद जाने वाले मार्ग कैंट से मोहनसराय को चौड़ा तो कर दिया गया, लेकिन इसकी मरम्मत नहीं हुई है। इसके लिए काम 15 सितंबर से शुरू होना था, लेकिन अब काम लटक गया।
बाबतपुर से बलुआ मार्ग-
बाबतपुर एयरपोर्ट से बलुआ होकर चंदौली जाने वालों की दिक्कतें काफी बढ़ी हैं। सड़क निर्माण का शुरू हुआ था। कई जगहों पर गिट्टियां डालकर छोड़ी गई हैं।
भोजूबीर सिंधोरा मार्ग-
भोजूबीर-सिंधोरा मार्ग पर कई जगहों पर सड़कें टूटी हैं। सीवर समस्या का निस्तारण कराया जा रहा था। अब काम ठप है। सड़क निर्माण का काम इसी महीने से शुरू होने वाला था।
हेलीपोर्ट-
पीएम के गोद लिए गांव डोमरी में हेलीपोर्ट का काम होना था, लेकिन मामला कोर्ट में होने के कारण जस का तस है। इस मामले में विधि विशेषज्ञों की राय ली जा रही है। काम ठप है।
पांडेयपुर के राजकुमार वर्मा ने बताया कि शहर की सड़कें खस्ताहाल हैं। इसकी मरम्मत जल्द से जल्द होनी चाहिए। लोकतंत्र में अपनी बातें रखनी चाहिए, लेकिन जनता का दर्द भी समझना चाहिए। करौंदी महामनापुरी में रहने वाले प्रसून सिंह ने कहा कि वहीं कई मार्गों के चौड़ीकरण का काम पीडब्ल्यूडी करवा रहा है। गिट्टियों का डालकर छोड़ा गया है। काम ठप होगा तो परेशानी और बढे़गी। जल्द काम शुरू होना चाहिए।
छित्तूपुर के चंद्रभान का कहना है कि सबसे ज्यादा जरूरत सड़क मरम्मत की है। कई जगहों पर सड़कें इतनी खराब हैं कि जलभराव होने पर वहां से गुजरने में डर लगता है कि कहीं कोई दुर्घटना न हो जाए। डीरेका में रहने वाले श्यामसुंदर केशरी ने बताया कि सड़कों की मरम्मत बेहद जरूरी है। धरना-प्रदर्शन के जरिए मांगें रखनी चाहिए, लेकिन जनहित को भी ध्यान में रखना चाहिए, ताकि किसी प्रकार की दिक्कत न होने पाए।