मालूम हो कि जिला कारागार से गुरुवार की देर रात पुलिस सुरक्षा में विभिन्न मामलों में आरोपी छह अपराधियों को गैर जनपद के कारागार में स्थानांतरित किया गया था। यह कैदी गैर जनपद जाने के लिए वाहन पर नहीं चढ़ रहे थे। जिसके बाद काफी संख्या में पुलिस फोर्स बुलाई गई थी। जिसके बाद सभी आरोपी वाहन पर चढ़े। जिन्हें रातों रात गैर जनपद कारागार में शिफ्ट किया गया था।
यह कैदी विभिन्न मामलों में आरोपी थे, जो कारागार में माहौल को आए दिन खराब करते रहते थे। इसके अलावा कुछ और कैदियों की सूची जेल प्रशासन द्वारा तैयार की जा रही थी। शनिवार को जेल प्रशासन द्वारा बैरकों का सघन अभियान चलाकर चेकिंग आरंभ किया गया।
उन्हें यह डर हो गया कि कहीं बैरक से कुछ पकड़ में न आ जाय। इसको लेकर कैदियों ने शनिवार की दोपहर भोजन मानक व समय से न मिलने का आरोप लगाते हुए जेल प्रशासन के विरुद्घ नारेबाजी करने लगे। इस दौरान कुछ कैदियों ने भोजन का बहिष्कार कर दिया। यहां तक कि ईट-पत्थर भी चलाया।
यह देख जेल प्रशासन अलर्ट हो गया और उच्चाधिकारियों को सूचना देते हुए सिविल पुलिस व पीएसी को बुला लिया। मौके पर पहुंची पुलिस व पीएसी के साथ बंदीरक्षकों ने मोर्चा संभाला। जिसके बाद कैदी शांत हुए। वहीं मौके पर पहुंचे अपर पुलिस अधीक्षक संजय कुमार, नगर मजिस्ट्रेट ब्रजेश कुमार दुबे, सीओ सिटी एके सिंह ने कैदियों व जेल प्रशासन से वार्ता कर समस्या को दूर करने का आश्वासन दिया। जबकि कुछ मामले को त्वरित निस्तारण कराया।
इस बाबत नगर मजिस्ट्रेट ब्रजेश कुमार दुबे ने बताया कि कैदियों का कहना था कि जेल प्रशासन द्वारा मानक के अनुसार तथा समय से भोजन नहीं दिया जाता है। जेल में शौचालय की कमी है, बैरक के पास जलजमाव लगा हुआ है। इन समस्याओं को दूर करने की मांग की। बताया कि जो त्वरित दूर होने वाली समस्या थी, उसे तत्काल दूर कराया गया। कुछ समस्या ऐसी थी, उसे उच्चाधिकारियों को अवगत कराते हुए दूर कराने का आश्वासन दिया गया। अब मामला पूरी तरह शांत है।