बनारस के लंका थाना अंतर्गत लौटूबीर पुलिया के पास रविवार की शाम मुठभेड़ में 25 हजार का इनामी बदमाश अशोक यादव और 15 हजार का इनामी अर्जुन यादव पुलिस के हत्थे चढ़ गए। अशोक यादव ने बीएचयू के एसोसिएट प्रोफेसर को रविवार को फोन कर शाम छह बजे तक 15 लाख रुपये बतौर रंगदारी देने को कहा था। आगे की स्लाइड्स में देखें...
विज्ञापन
2 of 6
varanasi police encounter
- फोटो : अमर उजाला
मुठभेड़ के दौरान पुलिस और बदमाशों के बीच हुई तकरीबन 25 राउंड फायरिंग में क्राइम ब्रांच के सिपाही सुमंत सिंह और अशोक घायल हुए हैं। दोनों को बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। बदमाशों से .32 बोर की पिस्टल, एक तमंचा, डेढ़ दर्जन से ज्यादा कारतूस, एक बाइक और दो मोबाइल बरामद किया गया है। अशोक के खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास, लूट, आर्म्स एक्ट सहित अन्य आरोपों में बनारस, गाजीपुर और बिहार में 23 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। वहीं, अर्जुन के खिलाफ हत्या, आर्म्स एक्ट सहित अन्य आरोपों में चार मुकदमे दर्ज हैं।
विज्ञापन
3 of 6
varanasi police encounter
- फोटो : अमर उजाला
बीएचयू आईएमएस के रेडियोलाजी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अमित नंदन द्विवेदी को रविवार को फोन कर शाम छह बजे तक 15 लाख रुपये बतौर रंगदारी सीरगोवर्धनपुर निवासी बदमाश अशोक यादव ने देने को कहा था।
डॉ. अमित के अनुसार अशोक ने उनसे कहा था कि रुपये नहीं मिले तो उनकी हत्या कर मणिकर्णिका घाट पर शव फेंक दिया जाएगा।
4 of 6
varanasi police encounter
- फोटो : अमर उजाला
डॉ. अमित की तहरीर पर अशोक के खिलाफ लंका थाने में रंगदारी मांगने का मुकदमा दर्ज किया गया। एसएसपी राम कृष्ण भारद्वाज ने बताया कि जिस मोबाइल नंबर से रंगदारी मांगी गई थी सर्विलांस की मदद से उसकी लोकेशन सीरगोवर्धनपुर में मिली।
विज्ञापन
5 of 6
varanasi police encounter
- फोटो : अमर उजाला
अशोक के बारे में सुरागकशी शुरू हुई तो शाम के समय लौटूबीर पुलिया के पास उसके मौजूद होने का पता लगा। इस सूचना पर क्राइम ब्रांच प्रभारी विक्रम सिंह ने लंका थानाध्यक्ष संजीव मिश्रा के साथ लौटूबीर पुलिया के समीप घेरेबंदी की तो सामने से बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी।
मुठभेड़ की सूचना पर एसपी सिटी दिनेश सिंह, एसपी क्राइम ज्ञानेंद्र नाथ प्रसाद और सीओ भेलूपुर एपी सिंह भी मौके पर पहुंचे। मुठभेड़ में बदमाश अशोक के दाएं पैर में और सिपाही सुमंत सिंह के बाएं हाथ में गोली लगी है। छित्तूपुर निवासी अर्जुन ने बताया कि उसे अशोक अपने साथ लेकर निकला था। अशोक ने कहा था कि बीएचयू का डॉक्टर जो रंगदारी देगा उसमें उसे भी हिस्सा देगा। रुपये नहीं मिलते तो डॉक्टर को गोली मारना तय था लेकिन इससे पहले ही पकड़ लिए गए।