रविवार की सुबह पता लगा कि जयपाल और दो अन्य बदमाश बलुआ पुल होते हुए जाल्हूपुर की ओर आ रहे हैं। इस सूचना पर क्राइम ब्रांच प्रभारी ने एसओ चौबेपुर मनोज कुमार के साथ बलुआ पुल के पास घेरेबंदी की तो बदमाश फायरिंग करते हुए भागे, लेकिन जवाबी कार्रवाई में तीनों पकड़े गए।
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एक ने रेकी की, दो ने रुपये लूटे :
जयपाल ने बताया कि लूट की योजना बनाने के बाद तीनों सात अगस्त को मिले। एजेंट की रेकी जयपाल कर रहा था। बाइक चलाने की जिम्मेदारी विक्रांत को दी गई और रुपये जितेंद्र को छीनने थे। कलेक्शन एजेंट अंबा की ओर बढ़ा तो जयपाल ने सूचना दी और दो अन्य ने गोली मार कर रुपये लूट लिए।
जयपाल ने बताया कि इससे पहले उसने पता कर लिया था कि रोजाना ग्रामीण क्षेत्रों से एजेंट कितना पैसा इकट्ठे करते हैं। तीनों के बीच पैसे का बंटवारा नहीं हो पाया था। इसलिए वे इकट्ठा हुए थे, लेकिन उससे पहले ही पकड़ लिए गए।
खुलासा करने वाली टीम को 25 हजार का इनाम :
एसएसपी ने बताया कि एसपी क्राइम ज्ञानेंद्र और एसपी ग्रामीण एमपी सिंह के पर्यवेक्षण में वारदात का खुलासा करने में क्राइम ब्रांच प्रभारी विक्रम सिंह, एसओ चौबेपुर मनोज कुमार, एसआई प्रदीप यादव, सुमंत सिंह, पुनदेव सिंह, घनश्याम वर्मा, रामभवन, सुरेंद्र मौर्या, कुलदीप सिंह, चंद्रसेन सिंह, रामबाबू, संतोष पासवान शामिल रहे। इस टीम को 25 हजार का इनाम देने के साथ ही आईजी रेंज और एडीजी जोन से पुरस्कृत कराया जाएगा।