यूपी के बलिया शहर के सटे मुलायम नगर में कर्नाटका बैंक की फर्जी शाखा चला रहे अफाक अहमद को बुधवार की दोपहर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उस पर लाखों रुपये की ठगी करने का आरोप है।
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उसके पास से फर्जी दस्तावेजों के साथ तीन कंप्यूटर, एक लैपटाप,184 पासबुक समेत एक लाख 37 हजार रुपये कैश व अन्य सामान बरामद हुए।
दिल्ली से आए कर्नाटका बैंक के असिस्टेंट जनरल मैनेजर बीवीएच उपाध्याय की तहरीर पर कोतवाली में फर्जी शाखा प्रबंधक के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है। वहां काम कर रही तीन महिलाओं को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही थी।
उप्र के बदायू जिले के भंद्रा थाना के उसहरपुर निवासी अफाक अहमद पुत्र अंसार अहमद ने फर्जी नाम विनोद कुमार कांबले, निवासी बिखरौली ईस्ट, मुंबई की आईडी बनाकर करीब एक माह पूर्व जिले के फेफना थाने के गड़वार रोड स्थित मुलायम नगर में 32 हजार रुपये मासिक किराये पर मकान लिया और उसमें कर्नाटका बैंक की फर्जी शाखा खोली थी।
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यहां ग्राहकों से पैसा जमा कराने के साथ वह ग्रामीण इलाकों में फ्रेंचाइजी खोलने के लिए आवेदन भी ले रहा था। फ्रेंचाइजी की सिक्योरिटी के रूप में 60 हजार रुपये की डिमांड करता था। मंगलवार को एक व्यक्ति ने फ्रेंचाइजी के लिए उससे मुलाकात की और उस बारे में जानकारी ली।
इस तरह से आया पकड़ में
फर्जी पहचान पत्र
- फोटो : अमर उजाला
सिक्योरिटी मांगने पर आवेदक ने इंटरनेट पर सर्च किया, जिसमें वाराणसी व अन्य शहर में तो बैंक शाखाएं दिख रही थी पर बलिया में उसकी शाखा नहीं दिखी।
इस पर उसने बैंक के दिल्ली स्थित हेड आफिस में फोन कर इस बारे में पूछताछ की। अधिकारियों ने शाखा को फर्जी बताया तथा कार्रवाई के लिए दिल्ली व वाराणसी से टीम भेज दी।
बुधवार को कर्नाटका बैंक दिल्ली के असिस्टेंट जनरल मैनेजर बीवीएच उपाध्याय, सीनियर मैनेजर मुकेश कुमार व वाराणसी के ब्रांच मैनेजर श्याम राज सीओ सिटी हितेंद्र कृष्ण से मिले और शिकायत की।
सीओ ने कोतवाल शशिमौलि पांडेय व बैंक के अधिकारियों के साथ फर्जी कर्नाटका बैंक पर दोपहर में छापेमारी की, जहां से फर्जी शाखा प्रबंधक अफाक अहमद को गिरफ्तार कर लिया।
उसके पास से उन्नाव के एक अखबार की आईडी भी मिली। मौके से तीन कंप्यूटर, प्रिंटर, एक लैपटाप व एक लाख 37 हजार रुपये, 184 पासबुक तथा बैंकिग से संबंधित फार्म बरामद हुए।
कर्नाटका बैंक का फर्जी शाखा प्रबंधक बदायूं निवासी आफाक अहमद खास तौर से बेरोजगार युवक-युवतियों को अपना निशाना बनाता था। उनके जरिए और लोगों को फंसा कर बैंक में धनराशि जमा कराता था। इतना ही नहीं उसने अपने मकान मालिक को भी ढाई लाख का चूना लगाया। बैंक में उसने छह कर्मचारियों की नियुक्ति कर उनके जरिए भी परिवार वालों का धन ऐंठा।
इस खेल का भंडाफोड़ तब हुआ, जब एक बेरोजगार युवक से फ्रेंचाइजी के लिए सिक्योरिटी के नाम पर पैसे की डिमांड की और उसने दिल्ली स्थित हेड क्वार्टर से इसकी इनक्वायरी की।
फर्जी शाखा प्रबंधक बेरोजगार युवाओं व युवतियों को बेरोजगारी का फायदा उठाकर उन्हें नौकरी देकर उन्हें फंसाता था। साथ ही सीधे-साधे ग्राहकों को भी अधिक ब्याज की बात कहकर उन्हें ठगता था। बेरोजगार युवाओं को फ्रेंचाइजी खोलने का झांसा देकर 30 से 60 हजार रुपये लिए।
एक माह पूर्व मुलायम नगर निवासी व वायु सेना से सेवानिवृत्त रामचंद्र गुप्ता के मकान में 32 हजार रुपये प्रतिमाह किराये पर एक साल के लिए एग्रीमेंट कर खोला था। शाखा खोलने के बाद भवन स्वामी को भी झांसे में लेकर उससे भी टारगेट पूरा करने के नाम पर ढाई लाख रुपये जमा करवाए।
सुखपुरा थाना के धरहरा निवासी अभिषेक पांडेय ने बताया कि एक सप्ताह पूर्व फर्जी कर्नाटका बैंक में 60 हजार रुपये जमा किए थे। गड़वार थाना के मसहा निवासी मनोज कुमार पांडेय ने बताया कि बुधवार को 30 हजार रुपये जमा किए। कहा कि उन्हें नहीं मालूम था कि बैंक फर्जी है।