डीएम अंकित कुमार अग्रवाल और एसपी सलमान ताज पाटिल मातहतों से समय-समय पर स्थिति की जानकारी लेते रहे। बता दें कि खूनी संघर्ष के बाद से ही उभ्भा में पुलिस की तैनाती है। आने-जाने वालों पर भी नजर रखी जा रही है।
स्वराज अभियान की टीम पीड़ितों से मिली :
स्वराज इंडिया के राज्य समिति सदस्य राजेश सचान की अगुवाई में गई टीम के सदस्यों ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर घटना के बारे में जानकारी ली। टीम के सदस्यों ने कहा कि यदि प्रशासन सचेत होता और सीएम ने जन सुनवाई में दर्ज कराई गई शिकायत पर ध्यान दिया होता तो इस घटना से बचा जा सकता था। ग्रामीण चाहते हैं कि सरकार मुआवजा देने के साथ उभ्भा में फर्जी ट्रस्ट के जरिए ली गई जमीन अधिग्रहीत कर आजादी पूर्व से बसे लोगों को पट्टा दिया जाए।
इस घटना में जान गंवाने वाले लोगों के परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाए। सीएम के दौरे के दौरान इसकी घोषणा ना होने पर नाराजगी जताई। टीम में शामिल स्वराज अभियान के जिला संयोजक कांता कोल, सेवालाल कोल, मनोज भारती, श्रीकांत सिंह ने उभ्भा कांड की न्यायिक जांच कराने, भूमि आयोग का गठन करने, वनाधिकार कानून को लागू करने की मांग की। बताया कि 25 जुलाई को डीएम को ज्ञापन सौंपा जाएगा।