मूर्ति विसर्जन की अनुमति मिलने के बाद जुलूस निकालते लोग।
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बलिया के सिकंदरपुर कस्बे में सोमवार शाम चार बजे दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन जुलूस निकल रहा था। युवक तलवार, फरसे, चाकू आदि हथियार लेकर चल रहे थे। जुलूस न्यू मार्केट के पास पहुंचा तो इसमें शामिल कुछ लोग हिंसक हो गए।
न्यू मार्केट के साथ सोनारपट्टी, डोमनपुर में आधा दर्जन दूकानों में तोड़फोड़ के साथ लूटपाट शुरू कर दी। अचानक हुई इस घटना से जुलूस के साथ चल रहे अफसर और सुरक्षा बल हक्के-बक्के रह गए। उपद्रवियों को काबू करने में उन्हें में उन्हें आधा घंटा लगा। मामले में फिलहाल कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। वाराणसी जोन के एडीजी बी महापात्रा भी मौके पर पहुंचे।
इससे पहले दिनभर कस्बे में तनाव रहा। सुबह एक समुदाय की महिलाएं और बच्चे जब कस्बा छोड़कर अन्य स्थानों को जा रहे थे तो उनकी गाड़ियों पर चेतना किशोर तिराहे पर पत्थरबाजी की गई। डीएम और एसपी ने भारी फोर्स संग दिनभर कस्बे में गश्त की। सुरक्षा के लिए कस्बे की छतों, चौराहों एवं गलियों में सुरक्षा बल तैनात हैं।
सिकंदरपुर में सुरक्षा के लिए तीन कंपनी पीएसी के अलावा जोन के जिलों से एक एएसपी, चार सीओ, 25 सब इंस्पेक्टर और 150 सिपाही कस्बे में छतों, चौराहों और गलियों में तैनात किए गए हैं। कमिश्नर के. रवींद्र नायक और डीआईजी विजय भूषण पूरे दिन सिकंदरपुर चौकी में बैठकर माहौल का जायजा लेते रहे।
जिलाधिकारी सुरेंद्र विक्रम का कहना है कि सिकंदरपुर के जलपा चौक पर पर्याप्त संख्या में फोर्स और अधिकारी तैनात थे। उसके बावजूद पथराव और आगजनी हो गई। इस लापरवाही में कुछ अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल हमारी प्राथमिकता शांति स्थापित करना है।
एडीजी जोन, वाराणसी बी महापात्रा ने बताया कि सिकंदरपुर में हुई घटना के आरोपियों को चिह्नित कर उनकी गिरफ्तारी और पुलिस की छापेमारी जारी है। बलिया के पुलिस अधीक्षक को कहा गया है कि सिर्फ वास्तविक दोषियों और साजिश रचने वालों पर ही कार्रवाई हो। माहौल पूरी तरह से सामान्य होने के बाद जांच कराई जाएगी कि आखिरकार किस चूक की वजह से माहौल असामान्य हुआ। जो भी दोषी हैं वे किसी भी सूरत में बख्शे नहीं जाएंगे।