साहित्य नाका मोड़ के पास हादसे के बाद चक्काजाम करते लोग।
पड़ाव से ओबरा जा रही एक निजी बस बुधवार की सुबह करीब दस बजे अनियंत्रित होकर साहित्य नाका मोड़ के पास सड़क किनारे बने नईम खां के कच्चे मकान में घुस गई। नईम को गंभीर चोट आईं है। घटना से गुस्साए लोगों ने मुआवजा और नो इंट्री लागू कराने के लिए साहित्य नाका मोड़ के पास चक्काजाम कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने समझाकर किसी तरह जाम समाप्त कराया। इसके बाद दोपहर करीब तीन बजे जब पुलिस बस को हटवाने पहुंची तो क्षेत्रीय महिलाएं बस मालिक को बुलाने की मांग पर अड़ गईं। मांग पूरी न हुई तो महिलाओं ने फिर चक्काजाम कर दिया।
उनका कहना था कि बस मालिक को बुलाकर जितना नुकसान हुआ है पहले उसकी क्षतिपूर्ति कराई जाए। बात नहीं बनी तो पुलिस ने लाठी पटककर महिलाओं को खदेड़ना शुरू कर दिया। आरोप है कि इसी दौरान पुलिस की लाठियों से सात महिलाओं और दो पुरुषों को चोटें आईं। साहित्य नाका मोड़ निवासी नईम बुधवार को 10 बजे के लगभग अपने घर के सामने छोटेलाल की बाइक का पंचर बना रहा था। इसी दौरान ओबरा जा रही एक निजी बस अनियंत्रित होकर उसके घर में घुसी और दो कमरों को ढहाते हुए उसे भी अपनी चपेट में ले लिया। दुर्घटना के बाद भाग रहे चालक सोनभद्र के रायपुर के दुल्लहपुर निवासी प्रमोद सिंह को लोगों ने पकड़ लिया और जमकर पीटने के बाद पुलिस को सौंपा।
साथ ही, साहित्य नाका मोड़ पर चक्काजाम कर दिया। सवा घंटे बाद 11:15 बजे के लगभग सभी माने और जाम खुला। तीन बजे के लगभग पुलिस बस लेने गई तो महिलाओं ने कहा कि पहले बस मालिक को बुलाकर मुआवजा दिलाएं तभी जाने देंगे। इसी दौरान मामला बिगड़ा और महिलाओं ने फिर चक्काजाम कर दिया। आरोप है कि पुलिस ने चक्काजाम खुलवाने के लिए जमकर लाठियां भांजीं। महिलाओं-पुरुषों को दौड़ाकर पीटा गया। पुलिस इस दौरान लोगों के घरों में भी घुसी।
पुलिस की पिटाई से छुन्नन (70), कैसर जहां (35), शीबा (20), रानी (18), जरीना (45), निन्नो (35), नसरीन (50), शकील (30) और रफीक (22) घायल हुए हैं। सभी ने लाल बहादुर शास्त्री राजकीय अस्पताल में उपचार कराया। वहीं, नईम की हालत गंभीर होने के कारण उसे बीएचयू ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया। हालांकि क्षेत्राधिकारी कोतवाली राहुल मिश्रा ने बताया कि पुलिस ने किसी पर लाठी नहीं चलाई है और न ही किसी के घायल होने की बात सामने आई है। चक्काजाम करने वालों को समझा-बुझाकर शांत करा दिया गया था।