नेपाली युवतियों की तस्करी मामले की पड़ताल में सामने आया है कि एक सुरक्षाकर्मी भी तस्करों से मिला हुआ है। वह एयरपोर्ट के बाहर युवतियों को रिसीव कर अंदर तक ले जाता है और फ्लाइट के जाने तक उनके आसपास बना रहता है।
खुफिया एजेंसी ने इसकी रिपोर्ट मुख्यालय को भी भेज दी है। हालांकि अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। बुधवार को अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद केंद्र के साथ राज्य सरकार की खुफिया एजेंसियां मामले की पड़ताल में जुट गई हैं। एयरपोर्ट से नेपाली यात्रियों का विवरण मांगा गया है।
यह भी पता चला है कि युवतियों को इनोवा गाड़ी से नेपाल और दिल्ली से वाराणसी लाया जाता है। यहां से उन्हें शारजाह भेजा जाता है। नेपाली युवतियों की तस्करी करने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह ने दिल्ली एयरपोर्ट पर सख्ती के बाद अब रास्ता बदल दिया है।
गिरोह अब वाराणसी के रास्ते युवतियों को खाड़ी देशों में भेज रहा है। हर माह करीब तीन सौ नेपाली युवतियां पहले वाराणसी आती हैं और यहां से शारजाह जाती हैं।
केंद्रीय खुफिया एजेंसियां मानव तस्करी की आशंका के मद्देनजर मामले की पड़ताल कर रही हैं। दिल्ली निवासी एक विमानन कंपनी का अधिकारी भी एजेंसियों के रडार पर है। तस्करों समेत कुल चार लोगों का ब्योरा जुटाया जा रहा है। तस्करों के ठिकानों की जानकारी भी जुटाई जा रही है।