जब परिजन उस लड़के के घर गए तो वह उन्हें देखकर भागने लगा। किसी तरह उसे व उसके एक दोस्त को पकड़कर परिजनों ने पुलिस को सौंपा। आरोप है कि पुलिस ने 18 अक्टूबर को दोनों युवकों को छोड़ दिया। परिजन फिर थाने पहुंच गए और अपनी पुत्री की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करानी चाही, जिस पर पुलिस ने आनाकानी शुरू कर दी।
करीब दो घंटे बाद पुलिस मामला गंभीर होते देख हरकत में आई और पीड़ित की शिकायत को संज्ञान लेते हुए मामले की जांच शुरू की। जिसमें पता चला कि किशोरी शक्तिनगर परिक्षेत्र में एक झोपड़पट्टी में बदहवास पड़ी है। पुलिस ने उसे वहां से लाकर मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। वहां किशोरी की हालत गंभीर बताई जा रही है।
परिजनों का आरोप है कि किशोरी के अनुसार जब वह ट्यूशन पढ़ने जा रही थी तो उसे रास्ते में बहला-फुसलाकर एक युवक ने अपनी मोटर साइकिल पर जबरदस्ती बैठा लिया। आगे जाने पर एक बोलेरो में जिसमें पहले से ही तीन लोग बैठे थे, उसे जबरदस्ती बैठाकर कहां ले गए, उसे याद नहीं है। उसने बताया कि उसे नशीला पदार्थ देकर बदहवास कर उसके साथ जबरदस्ती की गई।
परिजनों ने आशंका जताई है कि उनकी बेटी के साथ हो सकता है कि सामूहिक दुष्कर्म जैसी घटना भी घटित हुई हो। परिजनों ने बताया कि 21 अक्टूबर को मेडिकल हुआ है लेकिन अभी तक रिपोर्ट नहीं आई है। आरोप लगाया कि पुलिस पूरे मामले में लीपापोती कर रही है। इस संबंध में पिपरी के क्षेत्राधिकारी ज्ञान प्रकाश राय ने बताया कि पीड़िता को पुलिस अभिरक्षा में लेने के बाद मामला दर्ज कर विवेचना की जा रही है। बताया कि आरोपी अजय कुमार उर्फ गोल्डी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।