उनसे पूछताछ करते हुए कहा कि तुम लोग बच्चा चुराने के लिए आए हो। इसको लेकर ग्रामीणों की युवकों से बहस होने लगी। इस पर ग्रामीण तीनों की जमकर पिटाई करने के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ले गए और बंद कर दिया। इसकी जानकारी होते ही दलित बस्ती के साथ ही गांव के सैकड़ों लोग वहां लाठी-डंडा से लैस होकर पहुंच गए और शोर-शराबा करने लगे। इसकी जानकारी होते ही डायल 100 पुलिस मौके पर पहुंच गई।
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आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस को युवकों के पास पहुंचने नहीं दिया। पुलिस कर्मियों द्वारा सूचना देने पर क्षेत्राधिकारी कासिमाबाद महमूद अली, प्रभारी निरीक्षक पन्नग भूषण ओझा पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे, लेकिन ग्रामीणों की अधिक संख्या को देख पुलिस को पीछे हटना पड़ा।
सीओ ने उच्चाधिकारियों को मामले से अवगत कराया। इस पर आसपास के कई थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने ग्रामीणों खदेड़कर युवकों को मुक्त कराकर मेडिकल मुआयना के लिए भेजा।
इस संबंध में क्षेत्राधिकारी महमूद अली ने बताया कि सैयद अरशद की तहरीर पर विशाल सिंह, अखिलेश, उपेंद्र चौहान, मंजेश चौहान, श्यामलाल सहित कुल 18 के खिलाफ तथा प्रभारी निरीक्षक पन्नग भूषण ओझा की तहरीर पर 28 नामजद और 200 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरु कर दी गई है।