यूपी के मिर्जापुर जिले में अवैध खनन में संलिप्तता के आरोप में शनिवार को एसपी ने एक थानाध्यक्ष और एक चौकी इंचार्ज को निलंबित कर दिया। क्षेत्राधिकारी नक्सल आपरेशन केपी सिंह की भूमिका की भी जांच का आदेश दिया गया है।
पहाड़ी क्षेत्र मड़िहान और राजगढ़ में अवैध खनन हो रहा है। वन विभाग की अनदेखी और पुलिस की मिलीभगत के आरोप भी लगतेे रहे हैं। देवरी इलाके में छापेमारी के बाद बसपा के जिलाध्यक्ष के भाई सहित दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
इस क्षेत्र में वन भूमि पर भी खनन गतिविधि रुक नहीं रही थी। खनन माफिया ने पत्थर खोदकर बड़े-बड़े गड्ढे भी बना दिए हैं। इनमें बारिश का पानी भर जाने पर हादसे भी होते रहते हैं। शुक्रवार को चुनार के बड़गवां में इसी तरह के गड्ढे में डूबने से दो बच्चों की मौत हो गई थी।
एसपी ने पूरे मामले की जांच कराने का निर्णय लिया है। उन्होंने अवैध खनन में संलिप्तता के आरोपी मड़िहान के थाना प्रभारी भुवनेश्वर पांडेय और राजगढ़ के पुलिस चौकी प्रभारी नरेंद्र कुमार सिंह को निलंबित कर दिया। एके सिंह को मड़िहान का नया थाना प्रभारी और मड़िहान थाने में तैनात रहे अभयनाथ यादव को राजगढ़ का चौकी प्रभारी बनाया गया है।
एसपी आशीष तिवारी ने कहा कि जिले में लगातार अवैध खनन की शिकायत मिल रही थी। मैंने डीएम से मिल कर इसकी जांच कराने की अनुमति ली है। जांच प्रभावित न हो, इसलिए थाना इंचार्ज और चौकी प्रभारी को निलंबित किया गया है।