केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल के संसदीय क्षेत्र मिर्जापुर में बुधवार को इंसानियत शर्मसार हो गई। सीएचसी मड़िहान से जिला चिकित्सालय रेफर की गई महिला को बुधवार को एंबुलेंस नहीं मिली। उसका भाई काफी देर तक एंबुलेंस की तलाश में इधर से उधर दौड़ता रहा लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
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मृतक बहन को कंधे पर लेकर जाता भाई
- फोटो : अमर उजाला
अंततः भाई के कंधे पर ही महिला ने दम तोड़ दिया। तहसील क्षेत्र के ददरा पहाड़ी की सावित्री (22) पत्नी शिवकुमार मायके जुड़िया गांव में रह रही थी। आठ माह पूर्व सरकारी अस्पताल में उसने बच्चे को जन्म दिया था। उसी समय से वह बीमार रहने लगी थी।
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चिकित्सक
धीरे-धीरे उसकी तबीयत अधिक खराब होने पर बुधवार की सुबह घर वाले उसे गांव के ही एक डॉक्टर के पास ले गए। वहां उसने सूई लगाई तो कुछ देर बाद सावित्री बेहोश हो गई। इसके बाद उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। वहां डॉक्टर कौशल कुमार ने हालत गंभीर देख उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
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एंबुलेंस
महिला को ले जाने के लिए घर वालों ने 108 नंबर पर फोन कर एंबुलेंस बुलाई तो एंबुलेंस कर्मी ने दो घंटे बाद आने के लिए कहा। इस दौरान महिला की हालत बिगड़ती चली गई। प्राइवेट वाहन की व्यवस्था करने में परिवार की असमर्थता के चलते भाई सावित्री को कंधे पर उठा कर सड़क पर ले जाने लगा। सावित्री ने उसके कंधे पर ही दम तोड़ दिया।
इसके बाद लाचार भाई बिलखते हुए शव को पीठ पर लादकर घर ले गए। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विधु गुप्ता का कहना है कि महिला नाजुक अवस्था में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर आई थी। उसे जिला अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस बुलाई गई थी लेकिन उससे पहले ही उसने दम तोड़ दिया। स्वास्थ्य केंद्र पर शव वाहन नहीं है। परिवार वाले उसे कैसे ले गए, इस बारे में कोई जानकारी नहीं।