अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट देवकांत शुक्ला ने दहेज हत्या के जुर्म में पति समेत चार लोगों को सुनवाई के दौरान शनिवार को दोषसिद्घ पाए जाने पर पति को दस वर्ष तथा वृद्ध सास व ससुर समेत जेठ को सात सात वर्ष की कड़ी कैद की सजा सुनाई। प्रत्येक को पंद्रह- पंद्रह हजार रुयये के अर्थदंड से दंडित किया।
अभियोजन अनुसार हलिया थाना क्षेत्र के राजपुर गांव निवासी एवं वादी मुकदमा मिश्रीलाल कोल ने अपनी पुत्री मनीता की शादी थाना क्षेत्र के देवघटा गांव निवासी राजेश पुत्र लाली के साथ घटना के पांच वर्ष पूर्व किया था।
दो फरवरी 2014 को आरोप है कि मोटर साइकल की मांग को लेकर ससुराली उसकी पुत्री को अक्सर मारते पीटते थे। मांग पूरी नहीं करने पर दो फरवरी को उसकी गला दबाकर हत्या कर दी।
वादी की तहरीर पर क्षेत्रीय पुलिस ने पति राजेश पुत्र लाली, जेठ छोटेलाल, ससुर लाली, सास बसुंधरा के खिलाफ धारा 498 ए, 304 बी, धारा चार दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर विवेचना करते हुए आरोप पत्र न्यायालय में दिया था।
अभियोजन की तरफ से सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजेश कुमार यादव ने छह गवाह प्रस्तुत कराया। अधिवक्ताओं की दलील, पत्रावली पर उपलब्ध तथा गवाहों के बयान के आधार पर न्यायालय पति राजेश को दस वर्ष की कड़ी कैद तथा 15 हजार रुपये के अर्थदंड से दंड किया।
वहीं जेठ छोटेलाल, ससुर लाली तथा सास बसुंधरा को सात सात वर्ष की कड़ी कैद तथा प्रत्येक को पंदह हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया। कोर्ट मुर्हरिर राजन गुप्ता ने आरोपियों को कस्टडी में लेकर जेल भेजा।