यूपी के मऊ जिले की मधुबन तहसील में नेताओं द्वारा दबाव बनाकर गलत काम करवाने के प्रयास से क्षुब्ध तहसीलदार श्रीप्रकाश गुप्त ने शासन से वीआरएस की मांग की है। हालांकि शासन को भेजी चिट्ठी में उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया है।
अभी उनकी उम्र लगभग 57 साल है। गाजीपुर जिले के पचोखर गांव निवासी श्री प्रकाश गुप्त ने 1976 में एयर फोर्स ज्वाइन की थी। 15 साल नौकरी करने के बाद 1991 में वे जूनियर वारंट अफसर पद से रिटायर हुए थे।
1991 में ही उन्होंने लगभग छह माह तक यूनियन बैंक में बतौर प्रोबेशन अफसर काम किया फिर उनका चयन आयकर विभाग में हो गया। 1995 में इन्होंने राजस्व विभाग ज्वाइन कर लिया और इलाहाबाद में बतौर तहसीलदार नौकरी शुरू की।
गुप्त तीन वर्ष पहले 2014 के लोकसभा चुनाव के समय आजमगढ़ से स्थानांतरित हो कर मधुबन तहसील में आए थे। यहां काम के तौर तरीकों और नेताओं के हस्तक्षेप से खिन्न तहसीलदार श्रीप्रकाश गुप्त ने कहा कि मैं एक फौजी आदमी हूं।
गलत कार्य बर्दाश्त नहीं कर पाता हूं। कुछ नेता बीते कुछ माह से अनुचित कार्य कराने के लिए दबाव बना रहे हैं। इनमें कई पोखरियों के पट्टा करने का भी मामला भी जुड़ा है। गलत काम मुझसे हो नहीं सकता। इसी के चलते मैने वीआरएस के लिए आवेदन शासन को भेज दिया है। संभव है एक दो दिन में शासन का पत्र आ जाए।