लाल बहादुर शास्त्री चिकित्सालय में शुक्रवार को बेटे का इलाज कराने गए अधिवक्ता और डॉक्टरों के बीच जमकर नोकझोंक हुई। अधिवक्ता इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे।
डॉक्टरों और कर्मचारियों ने इसका विरोध करते हुए कामकाज ठप कर दिया। कुछ देर बाद डॉक्टर अधिवक्ता पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराने थाने पहुंच गए। यहां भी दोनों पक्षों के बीच नोकझोंक और हाथापाई हुई।
सूचना पाकर मौके पर पहुंचे एसएसपी, एसपी सिटी, सिटी मजिस्ट्रेट आदि अधिकारियों ने समझा-बुझाकर मामला शांत कराया। अस्पताल में हंगामे की वजह से दूरदराज से आने वाले मरीजों को बिना इलाज के ही वापस लौटना पड़ा।
सुबह करीब पौने आठ बजे अधिवक्ता अरुण राय अपने पुत्र अंकित (19) को लेकर इमरजेंसी में पहुंचे। अंकित किला रोड पर हुए सड़क हादसे में जख्मी हो गया था। यहां तैनात डॉ. शिवशंकर, फार्मासिस्ट अनिल मौर्य, वार्ड ब्वाय संतोष से उनकी कहासुनी होने लगी। अधिवक्ता ने डॉक्टर और कर्मचारियों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
इसी बीच किसी ने पगली घंटी बजा दी और देखते-देखते वहां अन्य डॉक्टर-पैरामेडिकल स्टाफ जुट गए। उधर, साथी के साथ बवाल की सूचना पर तमाम अधिवक्ता भी अस्पताल पहुंच गए। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे रामनगर एसओ ने समझा-बुझाकर मामला शांत कराया। हालांकि विवाद यहीं थमा नहीं। अपनी सुरक्षा पर खतरा बताते हुए डॉक्टरों ने कामकाज ठप कर दिया और मुकदमा दर्ज कराने रामनगर थाने पहुंच गए।
उधर, थाने पर भी दोनों पक्ष आपस में भिड़ गए। बवाल बढ़ता देख लंका, कोतवाली, आदमपुर थानों से बड़ी संख्या में फोर्स बुला ली गई। पुलिस ने डॉक्टरों की तरफ से मुकदमा दर्ज कर लिया गया है जबकि वकीलों की ओर से दी गई तहरीर पर अभी कार्रवाई नहीं हुई है।