शासन के निर्देश पर मिर्जापुर जिला जेल में बंद चल रहे करवरिया बंधुओं को रविवार की दोपहर 12 बजे कड़ी सुरक्षा के बीच नैनी के सेंट्रल जेल भेज दिया गया। कारवरिया बंधु पिछले चार महीने से जिला कारागार में बंद चल रहे थे। उनके जाने के बाद अभी भी जिला जेल में तीन शातिर आपराधी बंद चल रहे हैं।
करवरिया बंधु जब नैनी केंद्रीय कारागार में बंद थे, उस समय में जिलाधिकारी ने कारागार में छापा मारा था। उनके बैरक से टीवी, म्यूजिक सिस्टम आदि बरामद हुए थे। पूर्व विधायक उदयभान बैरक से बाहर घूमते पाए गए थे।
जिलाधिकारी ने शासन से उनको दूसरे जेलों में स्थानांतरित करने की संस्तुति की थी। उसके बाद एक फरवरी को पूर्व सांसद कपिलमुनि करवरिया व पूर्व विधायक उदयभान करवरिया तथा उनके भाई एवं पूर्व एमएलसी सूरजभान करवरिया को नैनी के मिर्जापुर जिला जेल में स्थानांतरित किया गया था।
तभी से यहीं बंद चल रहे थे। इस दौरान कई बाहुबली व सफेदपोश के लोगों का उनके पास आना जाना रहा। जैसे ही सत्ता बदली और भाजपा की योगी सरकार आई तो उसने प्रदेश के जेलों में बंद चल रहे 20 शातिर अपराधियों को दूसरी जेलों में भेजने का निर्देश जारी कर दिया।
अन्य अपराधियों को उनके गैर जनपद की जेलों में भेजा गया जबकि करवरिया बंधुओं को उनके ही जिले की जेल में स्थानांतरित किया गया। सूत्रों की माने तो करवरिया घराने की बहू मांडा क्षेत्र से भाजपा की विधायक हैं जिसके चलते उनको नैनी जेल ही भेजा गया ताकि अपने गृह जनपद में रहें।