इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए टीम ने कर्मचारियों को कागजात उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। कर्मचारियों को समझ में नहीं आ रहा है कि दशकों पूर्व के कागजात कहां से उपलब्ध कराएं। वहीं, सोमवार शाम तक एसआईटी के सामने बयान दर्ज कराने के लिए कोई नहीं पहुंचा था। टीम के डीआईजी के अलावा एएसपी अमृता मिश्रा समेत 10 सदस्य शामिल हैं।