कपड़े का झोला बदमाशों ने खोल कर देखा तो उसमें गमछा, ब्रेड और फल वगैरह था। रुपये न मिलने से गुस्साए एक बदमाश ने हाजी रिजवान की बाईं कलाई पर गोली मार दी जो आरपार हो गई। गोली चलने की आवाज सुन कर परिजन और आसपास के लोग भाग कर आए। आननफानन में व्यापारी को मंडलीय अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने उन्हें मलदहिया स्थित एक निजी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।
तीसरी बार बने निशाना, तीनों बार हाथ नहीं लगा कुछ :
व्यापारी हाजी रिजवान से लूटपाट का यह तीसरा प्रयास है। परिजनों ने बताया कि साल 2000 में हाजी रिजवान के घर के पास उनकी आंखों में मिर्च पाउडर झोंककर बदमाशों उनका झोला छीन लिया था, लेकिन उसमें कुछ नहीं था। 2015 में दोबारा उसी स्थान पर बदमाशों ने फायरिंग कर हाजी रिजवान से झोला छीना, लेकिन उसमें कुछ नहीं था। तीसरी बार भी बदमाशों ने उसी स्थान पर व्यापारी को लूटने का प्रयास किया, लेकिन कुछ हाथ नहीं लगा।
हत्या और लूट के खुलासे के चंद घंटे बाद हुई वारदात :
व्यवसायी धर्मेंद्र की हत्या और लूट के खुलासे के लगभग चार घंटे बाद बदमाशों ने सरेराह बुजुर्ग व्यापारी को गोली मार कर पुलिस को तगड़ी चुनौती दी। गौरतलब है कि हाल के दिनों में रोहनिया, फूलपुर, कपसेठी, चोलापुर, लोहता और सारनाथ क्षेत्र में व्यापारी वर्ग खासतौर से बदमाशों के निशाने पर रहा। इसे लेकर जिले की पुलिस की कार्यशैली सवालों के घेरे में है और व्यापारियों में जबरदस्त आक्रोश व्याप्त है। व्यापारियों के अनुसार इसकी एक बड़ी वजह पुलिस के फर्जी खुलासे हैं। पुलिस यदि वास्तविक बदमाशों को गिरफ्तार कर जेल भेजे तो शायद वारदातों में कमी आए।