आरोपी के अधिवक्ता अरुण सिंह, मोहम्मद खालिद और रफीक अहमद ने जमानत पत्र प्रस्तुत किया। इसका विरोध अभियोजन अधिकारी मानिकचंद्र ने किया। अदालत ने सशर्त बंध पत्र दाखिल किए जाने पर रिहा किए जाने का आदेश दिया।
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इस आदेश के खिलाफ शनिवार को जिला सत्र न्यायाधीश की अदालत में रिवीजन दाखिल हुआ। अभियोजन पक्ष की तरफ से जिला शासकीय अधिवक्ता पीयूष तिवारी, एसपीओ रघुबंश शुक्ला और मानिकचंद्र ने अपने तर्कों को रखा। उन्होंने कहा कि निचली अदालत से गुजरात पुलिस ने ट्रांजिट रिमांट मांगी थी, जबकि सुनवाई जमानत प्रार्थना पत्र पर हुई। आरोपी के खिलाफ कई प्रांतों में मुकदमा दर्ज है।