गाजीपुर जिले के माढ़ूपुर गांव स्थित रामजानकी मंदिर के पुजारी की मंगलवार की रात सशस्त्र बदमाशों ने बेरहमी से पिटाई करने के बाद हाथ-पैर बांधकर मुंह में कपड़ा ठूंस दिया। फिर गर्भगृह में रखी चार अष्टधातु तथा एक चांदी की मूर्तियों को लेकर चले गए। घटना की जानकारी सुबह हुई।
एसपी और अन्य अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया। घायल पुजारी को वाराणसी बीएचयू के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है। इस मामले में कुंडेसर के प्रधान प्रतिनिधि महेंद्रनाथ राय ने अज्ञात लुटेरों के विरुद्ध केस दर्ज कराया है।
महेंद्र नाथ का दावा है कि चोरी गई मूर्तियों की कीमत लगभग एक करोड़ रुपये है। हनुमान की मूर्ति दो फीट और बाकी मूर्तियां एक-एक फीट की हैं।
माढ़ूपुर गांव के पूरब स्थित राम-जानकी मंदिर के पुजारी बाबा विजय राघव दास (45) मंगलवार की खाना खाकर सो गए थे।
देर रात हथियारों से लैस बदमाश मंदिर परिसर में घुस आए। आहट से पुजारी की नींद खुल गई और बदमाशों ने लाठी-डंडे से उन पर हमला बोल दिया। उनके हाथ-पैर बांध, मुंह में कपड़ा ठूंस दिया। इसके बाद वे राम, जानकी, लक्ष्मण और शालीग्राम की अष्टधातु की मूर्तियां तथा हनुमान जी की चांदी की मूर्ति उठा ले गए।
बदमाश पुजारी का मोबाइल भी ले गए। सुबह गांव के सदानंद तिवारी पूजन के लिए पहुंचे तो लोगों को जानकारी हुई। थोड़ी ही देर में वहां भीड़ जुट गई। ग्रामीणों की मानें तो घटना को किसी पेशेवर बदमाशों के गैंग ने अंजाम दिया है।
वे बेशकीमती मूर्तियां ही चोरी करने आए थे क्योंकि पुजारी के बिस्तर के नीचे एक थैले में 25 हजार रुपये पड़े थे, जिसे बदमाशों ने हाथ तक नहीं लगाया। पुलिस कप्तान सोमेन वर्मा ने कहा कि वारदात में किसी मूर्ति चोर गैंग का हाथ है।
इसके खुलासे के लिए टीम बना दी गई है। मूर्तियों की बरामदगी और गैंग की गिरफ्तारी जल्द की जाएगी। पूरी जानकारी पुजारी के होश में आने के बाद ही मिल पाएगी।