अफीम तस्कर अमरनाथ यादव की हत्या के चार आरोपियों को पुलिस ने शनिवार को गाजीपुर में गिरफ्तार कर लिया। अरुण सिंह के चचेरे भाई व एक शराब कंपनी के मैनेजर मनोज सिंह की गत वर्ष मार्च माह में गोली मारकर हत्या करने के बाद 28 लाख रुपये लूट लिए गए थे। हत्या का बदला लेने के लिए अमरनाथ को मारा गया है।
पुलिस की पूछताछ में चारों ने अपना नाम सादात क्षेत्र के टांड़ा गांव निवासी पन्ना उर्फ राजन चौधरी, सदर कोतवाली के जमालपुर निवासी रूदल बिंद, आजमगढ़ के तरवा का मूल निवासी हरेंद्र सिंह, जो वर्तमान में गाजीपुर के तुलसी सागर मोहल्ले में रहता था तथा करंडा थाना क्षेत्र के बासूचक निवासी पूर्व ग्राम प्रधान मनोज सिंह बताया।
पुलिस ने चारों के कब्जे से एक पिस्टल 9 एमएम, एक 32 बोर की पिस्टल, एक देशी तमंचा, पांच कारतूस दो खोखा और चार मोबाइल बरामद किया। इसके अलावा दो बाइक बरामद की गई। एसपी गाजीपुर रामकिशोर का कहना है कि करंडा ब्लाक प्रमुख प्रत्याशी रिंकू सिंह और विनोद सिंह का अमरनाथ हत्या कांड से कोई लेना देना नहीं है।
दोनों के विरुद्ध कोई साक्ष्य नहीं मिला है। उन्हें क्लीन चिट दे दी गई है। बता दें कि अमरनाथ यादव की 30 जनवरी की सुबह पहड़िया में गोली मार हत्या कर दी गई थी।