यूपी के पूर्वांचल में बीते 24 घटों में चार लोगों की हत्याओं से सनसनी फैल गई। पूर्वांचल के चार जिलों में हुई हत्या की वारदातों ने पुलिसिंग व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। आजमगढ़ और गाजीपुर में बदमाशों ने दो लोगों को अपना निशाना बनाया। वहीं आजमगढ़ में ही एक बेटे ने पारिवारिक संपत्ति के विवाद में पिता की हत्या कर दी। उधर भदोही में एक पति ने अपनी पत्नी को मौत के घाट उतार दिया।
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पूर्व बीडीसी की गोली मारकर हत्या
घटना स्थल पर पहुंची पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
आजमगढ़ के जहानागंज थाना क्षेत्र के जहानागंज थाना क्षेत्र के मंदे गांव निवासी मुसाफिर राम (65) गांव के पूर्व बीडीसी थे। बुधवार की सुबह सात बजे वह नहर की पटरी पर टहल रहे थे कि तभी घात लगाए गांव के ही छह लोग वहां पहुंचे।
इनमें से तीन ने मुसाफिर राम को गोली मार दी, जबकि तीन उन्हें ललकार रहे थे। गोलियों की तड़तड़ाहट सुन ग्रामीण दौड़े तो हमलावर फरार हो गए। मुसाफिर राम की मौके पर ही मौत हो गई।
इससे गुस्साए गांव के लोग लाश लेकर मंदे बाजार में पहुंचे और बीच सड़क पर रखकर आजमगढ़-गाजीपुर मार्ग को जाम कर दिया। पुलिस ने लोगों को समझाने का प्रयास किया पर वे अपनी जिद पर अड़े रहे। बाद में कार्रवाई का आश्वासन देकर सुबह साढ़े सात बजे से लगा जाम समाप्त कराया।
सीओ सदर मो. अकमल खां ने बताया कि पूर्व बीडीसी के बेटे हरिकेश की तहरीर पर गांव के छह लोगों के विरुद्ध नामजद रिपोर्ट दर्ज की गई है। घटना का कारण पुरानी रंजिश बताई जा रही। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
बदमाशों ने व्यवसायी को मारी गोली
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गाजीपुर के सैदपुर कोतवाली क्षेत्र के डहरा कला गांव निवासी बेचन सोनकर (55) मछली बेचने का काम करता था। बुधवार की देर शाम वह भद्रसेन चट्टी पर मछली बेच रहे थे।
इसी दौरान बाइक सवार तीन नकाबपोश बदमाश वहां पहुंचे और उसे पांच गोली मार दी। वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश हवा में तमंचा लहराते हुए फरार हो गए। घटना से चट्टी पर अफरा- तफरी मच गई। लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी।
मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल मछली बेचने वाले को इलाज के लिए सीएचसी भेजा। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लिया है। इधर घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस छानबीन में जुट गई।
रिटायर्ड सिपाही का बेटे ने रेता गला
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आजमगढ़ के नगर पंचायत महराजगंज के महराजगंज थाना क्षेत्र के सैदपुर गांव का निवासी लालजी यादव (65) वर्ष 2014 में गोरखपुर जिले से रिटायर हुए थे। तीन बच्चों के पिता लालजी पारिवारिक संपत्ति के विवाद के चलते परिवार से अलग महराजगंज कस्बे के सहदेवगंज मोड़ पर स्थित शाहजहां के मकान में रहते थे।
जिस मकान में वह रहते थे। उसमें शाहजहां के बेटे मुबारक सहित अन्य लोगों की दुकान थी। जिसकी रखवाली करता था। मुबारक के मुताबिक मंगलवार को लालजी की पत्नी प्रभावती और दूसरे नंबर का बेटा त्रिलोकी यादव आए हुए थे। काफी देर तक बातचीत के बाद प्रभावती चली गई। जबकि त्रिलोकी रह गया था।
सुबह करीब नौ बजे मुबारक अपनी दुकान खोलने पहुंचा तो लालजी के कमरे का शटर खुला हुआ था। अंदर खून से सनी लालजी की लाश पड़ी थी। उसकी गर्दन धारदार हथियार से रेती गई थी। सिर में चोट थी। बगल में कुदाल पड़ी थी। मुबारक की सूचना पर मौके पर पुलिस मौके पर पहुंचे।
सीओ सदर सुधाकर सिंह के अनुसार पारिवारिक विवाद में बेटे ने ही हत्या की है। मकान मालिक के बेटे की तहरीर पर सिपाही के बेटे के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की गई है। वारदात के बाद से ही वह फरार है।
भदोही जिले के उमरिया गांव निवासी राजेंद्र गिरी गुजरात के अहमदाबाद में पत्नी रानी देवी और तीन बच्चों के साथ रहता था। सोमवार को वह अहमदाबाद से घर के लिए सपरिवार निकला।
घर वालों ने बताया कि मंगलवार को मुगलसराय स्टेशन पहुंचने पर राजेंद्र ने पत्नी को कहीं और लेकर जाने के लिए कहा, लेकिन सामान होने के कारण पत्नी ने मना कर दिया। इससे वह नाराज हो गया। उसकी पत्नी अपने बच्चों को लेकर घर आ गई।
बताते हैं कि बुधवार को सुबह रानी घर की साफ-सफाई कर रही थी कि उसी समय राजेंद्र घर पहुंच गया। आवेश में आकर उसने पत्नी को खींचकर कमरे में ले गया और वहां रखे हथौड़े से उसके सिर पर जोरदार प्रहार कर दिया। इससे रानी (40) की मौके पर ही मौत हो गई।
कमरे में हर तरफ खून फैल गया। मामले की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर हथौड़े को कब्जे में ले लिया। मृतका के दो बेटे और एक बेटी है। अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय कुमार ने कहा कि आरोपी को गिरफ्तार कर पत्नी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।