एचआरटीसी के इंस्पेक्टर धनीराम ने बताया कि इस ड्राइवर के खिलाफ सवारियों की ओर से भी पहले कई मर्तबा दुर्व्यवहार की शिकायतें मिल चुकी हैं। ड्राइवर ने इस साल फरवरी माह में ही शिमला में ड्यूटी ज्वाइन की थी। गत मार्च माह में भी संबंधित ड्राइवर के खिलाफ एचआरटीसी प्रबंधन को शिकायत मिली थी।
हालांकि उस समय चेतावनी देकर ड्राइवर को छोड़ दिया गया था। हिमाचल ट्रांसपोर्ट वर्कर यूनियन (एटक) के राज्य सह सचिव युद्ध राज मेहता ने इंस्पेक्टर से मारपीट करने वाले ड्राइवर को तुरंत गिरफ्तार कर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
ड्राइवर को किया गया निलंबित- इलेक्ट्रिक टैक्सी चालक की ओर से की गई मारपीट के मामले में इंस्पेक्टर की ओर से एफआईआर दर्ज करवाई गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित ड्राइवर को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। संबंधित ड्राइवर पहले भी कई बार गैर अनुशासनात्मक गतिविधियों में संलिप्त रहा है। - देवासेन नेगी, क्षेत्रीय प्रबंधक, एचआरटीसी
टैक्सियों में रूट पर चलने से पहले बनती हैं टिकटें- एचआरटीसी टैक्सियों में कंडक्टर नहीं होता। ड्राइवर ही टिकटें काटता है और पैसे वसूल करता है। स्टॉपेज पर ड्राइवर पहले सभी सवारियों की टिकटें बनाता है, इसके बाद गाड़ी रूट पर चलाई जाती है। एचआरटीसी इलेक्ट्रिक टैक्सी सीटीओ से समरहिल जा रही थी। नियमानुसार चालक को सीटीओ चौक पर ही सभी यात्रियों की टिकटें बनानी चाहिए थी।