एटीएस की वाराणसी यूनिट ने मंगलवार की दोपहर बिहार के मोतिहारी जिले के रामगढ़वा (एनएच 28 ए) में छापेमारी कर करीब 15 लाख रुपये के नकली नोटों के साथ चार तस्करों को धर-दबोचा। नकली नोटों की यह खेप नेपाल से रक्सौल होते हुए पूर्वांचल में लाई जा रही थी। एटीएस के हत्थे चढ़े तस्करों में शिक्षामित्र समेत तीन मऊ के रहने वाले हैं जबकि एक बिहार का है। उनके पास से एक बोलेरो भी बरामद की गई है।
एटीएस ने बीते 31 मई को जौनपुर जिले के लाइन बाजार से चार लाख रुपये नकली नोट के साथ बच्चन और तारा देवी को गिरफ्तार किया था। इनसे पूछताछ में नकली नोटों के तस्करों के बारे में जानकारी मिली थी। सटीक सूचना पर एटीएस के एसपी संतोष सिंह के नेतृत्व में टीम ने बिहार के मोतिहारी जिले के रामगढ़वा थाना क्षेत्र के मझरिया गांव के पास छापेमारी की। बोलेरो सवार मऊ जिले के मधुबन, नेवादा गोपालपुर निवासी अजय कुमार उपाध्याय, मधुबन के ही कुंवर पुरवा निवासी चंद्रप्रकाश शुक्ला, मधुबन के गजियापुर निवासी अमरनाथ और बिहार के मोतिहारी जिले के चकिया, कुववां निवासी अजय कुमार गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया।
अजय के पास से पांच लाख, चंद्रप्रकाश के पास से आठ लाख, अमरनाथ के पास से एक लाख और अजय के पास से 86500 रुपये सहित कुल 14 लाख 86 हजार 500 रुपये के नकली नोट बरामद हुए। ये आरोपी नेपाल से नकली नोट लेकर रक्सौल के रास्ते मोतिहारी पहुंचे थे। अमरनाथ अपने गांव में शिक्षामित्र हैं। बरामद बोलेरो उसकी ही है। चंद्रप्रकाश बिहार के पूर्व बाहुबली विधायक राजन तिवारी का प्रतिनिधि रह चुका है। उसके खिलाफ लूट, हत्या, गैंगस्टर समेत करीब दो दर्जन मुकदमे यूपी, बिहार और झारखंड में दर्ज हैं। गिरफ्तार करने वाली टीम में एसआई अश्विनी चतुर्वेदी, प्रभात द्विवेदी, रणविजय तिवारी, अमरेंद्र सिंह आदि शामिल थे।