आजमगढ़ में निकाय चुनाव में आतंक मचाने के लिए बिहार के मुंगेर से भारी मात्रा में असलहे की सप्लाई देने जा रहे चार तस्कर सोमवार की दोपहर सरायमीर थाना क्षेत्र के छित्तुपट्टी गांव में हुई मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिए गए।
इनके पास से 15 पिस्टल, एक रिवाल्वर और सात कारतूस बरामद हुआ। तस्करों के इस गिरोह में कई नेता, प्रधान और अध्यापक शामिल हैं। अब तक ये लोग पूर्वांचल में करीब दो सौ से अधिक असलहे बेच चुके हैं।
मंगलवार को पुलिस लाइन परिसर में आयोजित प्रेसवार्ता में एसपी अजय कुमार साहनी ने बताया कि गिरफ्तार असलहा तस्करों में जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के रामगढ़ गांव निवासी तेजप्रताप राय, हरैया बाईपार गांव निवासी संतोष यादव, चकलालचंद गांव निवासी राजेश मिश्रा और चंदौली जिले के धानापुर गांव का माता प्रसाद वर्मा है।
एसपी के अनुसार सोमवार को मुखबिर के जरिए सूचना मिलने पर एसओ सरायमीर रामनरेश यादव और क्राइम ब्रांच की स्वाट टीम प्रभारी अरविंद यादव ने सरायमीर-फूलपुर मार्ग पर स्थित छित्तूपट्टी गांव में स्थित रामजानकी मंदिर के पास घेराबंदी की।
दोपहर करीब ढाई बजे एक सफेद रंग की स्कार्पियो को आते देखकर पुलिस ने रुकने का इशारा किया तो गाड़ी में सवार बदमाशों ने फायर कर भागने का प्रयास किया। लेकिन पुलिस ने इन्हें दबोच लिया।
ग्राम प्रधान और अध्यापक हैं गिरोह के सदस्य
बरामद असलहा
- फोटो : अमर उजाला
तलाशी के दौरान इनके पास से नाइम एमएम की ऑटोसेमी पिस्टल तीन, तीन कारतूस और एक खोखा, 12 अदद 32 बोर ऑटो सेमी पिस्टल, चार कारतूस और एक रिवाल्वर 32 बोर का बरामद हुआ। पूछताछ के दौरान इन तस्करों ने बताया कि यह लोग निकाय चुनाव में बिहार के मुंगेर से लाकर असलहे की डिलीवरी देने जा रहे थे।
तस्करों ने बताया कि गंभीरपुर थाना क्षेत्र के गोसाई की बाजार गांव प्रधान लौहर यादव, बरदह थाना क्षेत्र के मुड़हर गांव निवासी अध्यापक रामचंद्र सरोज, इसी गांव के प्रधान लालू यादव उर्फ राहुल और सरायमीर थाना क्षेत्र के नरदह गांव निवासी भानू यादव असलहों की खरीद फरोख्त में प्रमुख भूमिका निभाते थे।
यह लोग ग्राहक तय करते हैं। तस्करों ने बताया कि पूर्वांचल के जौनपुर, वाराणसी, गाजीपुर आदि जिलों के दो सौ से अधिक लोगों को अब तक पिस्टल, रिवाल्वर, तमंचे आदि बेच चुके हैं।